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Main Gadhna Chahti Hoon | Priya Johri 'Muktipriya'
Episode 1111
मैं गढ़ना चाहती हूँ | प्रिय जोहरी 'मुक्तिप्रिया'
मैं गढ़ना चाहती हूँ
एक पुरुष
जो जानता हो
एक स्त्री होना
क्या होता है।
जो जानता हो
गाँव छूटता है,
मां-बाप …
3 months, 2 weeks ago
Sapna Aur Deewaar | Langston Hughes | Translation - Dharamvir Bharti
Episode 1110
सपना और दीवार। लैंग्स्टन ह्यूज़
अनुवाद : धर्मवीर भारती
बहुत दिन हो गए!
मैं अपने सपने को लगभग भूल चुका था।
लेकिन सपना अनश्वर था
मेरे सामने,
झिलमिलाते हुए सू…
3 months, 2 weeks ago
Ma Atithi Hai | Kumar Ambuj
Episode 1109
माँ अतिथि है | कुमार अम्बुज
माँ घर में आई है लेकिन वह अतिथि है
उसके पास उसके हज़ारों बाक़ी रह गए काम हैं
उसके पास उसका अपना घर है
जिसे लंबे समय तक नहीं छ…
3 months, 3 weeks ago
Samarpan | Hemant Deolekar
Episode 1108
समर्पण | हेमंत देवलेकर
प्रेम सबको बहा ले जाता है
- नदी को भी
सिर्फ़ एक शब्द है नदी के जीवन में
-'समर्पण'
प्रेम से ज़्यादा श्रमसाध्य कोई काम नहीं
जब हमें नद…
3 months, 3 weeks ago
Yugm | Vivek Nirala
Episode 1107
युग्म | विवेक निराला
एक समय में रहे होंगे कम-से-कम-दो
जितने कि आवश्यक हैं सृष्टि के लिए।
दो आवाज़ें भी रही होंगी कम-से-कम
एक सन्नाटे की
एक अँधेरे की…
3 months, 3 weeks ago
Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar
Episode 1106
मैं तो अरे! करके रह गया। नवीन सागर
अरे!
सब कुछ समझ से परे
कोई क्या करे!
क्या करे वह जो सुन रहा है अंतर्तम की आवाज़
सीधे सरल जीवन की चाह
आह!
ओछेपन पर सर्वत्र…
3 months, 3 weeks ago
Vimla Ki Yatra | Savita Singh
Episode 1105
विमला की यात्रा | सविता सिंह
उसे जाना है आज शाम चार बजे रेलगाड़ी से
जाना है पति के घर से इस बार पिता के घर
एक घर से दूसरे घर जाते हैं वही
नहीं होता जिनका…
3 months, 3 weeks ago
Jab Milegi Roshni Mujhse Milegi | Ram Avtaar Tyagi
Episode 1104
जब मिलेगी रोशनी मुझसे मिलेगी । रामावतार त्यागी
इस सदन में मैं अकेला ही दीया हूँ;
मत बुझाओ!
जब मिलेगी, रोशनी मुझसे मिलेगी!!
पाँव तो मेरे थकन ने छील डाले
अब…
3 months, 3 weeks ago
Gair Vidrohi Kavita Ki Talaash | Lal Singh Dil
Episode 1103
गैर विद्रोही कविता की तलाश | लालसिंह दिल। सत्यपाल सहगल
मुझे गैर विद्रोही
कविता की तलाश है
ताकि मुझे कोई दोस्त
मिल सके।
मैं अपनी सोच के नाखून
काटना चाहता ह…
3 months, 3 weeks ago
Manush Raag | Jitendra Srivastava
Episode 1102
मानुष राग । जितेन्द्र श्रीवास्तव
धन्यवाद पिता
कि आपने चलना सिखाया
अक्षरों
शब्दों
और चेहरों को पढ़ना सिखाया
धन्यवाद पिता
कि आपने मेंड़ पर बैठना ही नहीं
खेत म…
3 months, 4 weeks ago