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Ummeed | Shailay
Episode 1163
Published 1 month, 3 weeks ago
Description
उम्मीद । शैलेय
अँजुरी भर जल
तलुवे भर ओस
आँख भर सपना
नींद भर लोरी
हौसले को
जुगनू भर हिक़मत
जुटा ही लेनी चाहिए
नामुराद अंधड़ में
कुछ तो मिट्टी टूटने से बचेगी
कुछ तो उगी रह सकेगी
दूब
कि कभी न कभी तो
फूट ही लेंगे कल्ले नए-नए।