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Usne Kaha | Shiv Kumar Gandhi
Episode 1169
Published 1 month, 2 weeks ago
Description
उसने कहा । शिव कुमार गांधी
उसने कहा मुझसे ले चलो अपने शहर
जो कहोगे वही करूँगा
फिर पकड़ाई चाय जो गैस के
चूल्हे पर बनी थी
मैंने कहा मज़ाक़ में -
जगह बदल लेते हैं हम
और फिर वैसे भी शहर ख़ुद ही तो आ रहा है
तुम तक
उसने कहा वहाँ छत पर बैठना शाम में
अच्छा लगता है रोशनियों बीच और फिर हवा तो आती ही है
एक कारख़ाने में काम करता था उसका भतीजा
जिसके साथ किसी छत पर बैठा था वह एक दिन
इस शहर में रोशनियों बीच
और उस दिन भी हवा तो आई ही थी
तालाब किनारे चाँद को देखता लेटा हुआ
शाम में मैं ख़ुद कितने दिन काट लूँगा यहाँ
तालाब अभी भरा है फिर ख़ाली होगा
और फिर भरेगा और ख़ाली होगा
अगली बार
पता नहीं भरे कि नहीं
और मैं कहूँगा किसी से ले चलो अब तो मुझे
अपने साथ
जो कहोगे वह कर ही लूँगा!