Podcast Episodes
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Bazaar | Anamika
Episode 481
बाज़ार | अनामिका
सुख ढूँढ़ा,
गैया के पीछे बछड़े जैसा
दुःख चला आया!
जीवन के साथ बँधी
मृत्यु चली आई!
दिन के पीछे डोलती आई
रात बाल खोले हुई।
प्रेम के पीछ…
2 years ago
Ma | Damodar Khadse
Episode 480
माँ - दामोदर खड़से
नदी सदियों से बह रही है
इसका संगीत पीढ़ियों को
लुभा रहा है
आकांक्षाओं और आस्थाओं के संगम पर वह
धीमी हो जाती है...
उफनती है आकांक्षा…
2 years ago
Har Taraf Har Jagah Beshumar Aadmi | Nida Fazli
Episode 479
हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी | निदा फ़ाज़ली
हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी
फिर भी तनहाईयों का शिकार आदमी
सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ
अपनी ही लाश का ख़ुद मज़…
2 years ago
Baadal Raag | Awadhesh Kumar
Episode 478
बादल राग | अवधेश कुमार
बादल इतने ठोस हों
कि सिर पटकने को जी चाहे
पर्वत कपास की तरह कोमल हों
ताकि उन पर सिर टिका कर सो सकें
झरने आँसुओं की तरह धाराप्रव…
2 years ago
Samay Aur Bachpan | Hemant Deolekar
Episode 477
समय और बचपन - हेमंत देवलेकर
उसने मेरी कलाई पर
टिक टिक करती घड़ी देखी
तो मचल उठी वैसी ही घड़ी पाने के लिए
उसका जी बहलाते
स्थिर समय की एक खिलौना घड़ी
बाँध द…
2 years ago
Barson Ke Baad | Girija Kumar Mathur
Episode 476
बरसों के बाद | गिरिजा कुमार माथुर
बरसों के बाद कभी
हम-तुम यदि मिलें कहीं
देखें कुछ परिचित-से
लेकिन पहिचाने ना।
याद भी न आये नाम
रूप, रंग, काम, धाम
सोचें यह…
2 years ago
Prem Mein Main Aur Tum | Anshu Kumar
Episode 475
प्रेम में मैं और तुम | अंशू कुमार
एक दिन तुम और मैं
जब अपनी अपनी धुरी पर
लौट रहे होंगे
ख़ाली हाथ, बेआवाज़ और बदहवास
अपने-अपने हिस्से के सुख और दुःख लि…
2 years ago
Baarish Ya Punyavarsha | Arunabh Saurabh
Episode 474
बारिश या पुण्यवर्षा | अरुणाभ सौरभ
धरती पर गिरती
बूँदें बारिश की
छोटी - छोटी
ये बूँद-बूँद गोलाइयाँ
धरती को चुंबन है
आकाश का
या धरती से
आकाश के
मिलने का सबूत
या…
2 years ago
Jagat Ke Kuchle Hue Path | Harishankar Parsai
Episode 473
जगत के कुचले हुए पथ पर भला कैसे चलूं मैं? | हरिशंकर परसाई
किसी के निर्देश पर चलना नहीं स्वीकार मुझको
नहीं है पद चिह्न का आधार भी दरकार मुझको
ले निराला म…
2 years ago
Akaal Aur Uske Baad | Nagarjun
Episode 472
अकाल और उसके बाद | नागार्जुन
कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास
कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास
कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त
कई …
2 years ago