Podcast Episodes
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Laut ti Sabhyatayein | Anjana Tandon
Episode 555
लौटती सभ्यताएँ | अंजना टंडन
विश्वास की गर्दन प्रायः
लटकती है संदेह की कीलों पर,
“कहीं कुछ तो है” का भाव दरअसल
दिमाग की दबी आवाज़ है
जो अक्सर छोड़ देती है
प…
2 years ago
Tum Aurat Ho | Parul Chandra
Episode 554
तुम औरत हो | पारुल चंद्रा
क्योंकि किसी ने कहा है, कि बहुत बोलती हो,
तो चुप हो जाना तुम उन सबके लिए...
ख़ामोशियों से खेलना और अंधेरों में खो जाना,
समेट ल…
2 years ago
Ishwar Tumhari Madad Chahta Hai | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 553
ईश्वर तुम्हारी मदद चाहता है | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
बदल सकता है धरती का रंग
बदल सकता है चट्टानों का रूप
बदल सकती है नदियों की दिशा
बदल सकती है मौसम की …
2 years ago
Meri Beti | Ibbar Rabbi
Episode 552
मेरी बेटी | इब्बार रब्बी
मेरी बेटी बनती है
मैडम
बच्चों को डाँटती जो दीवार है
फूटे बरसाती मेज़ कुर्सी पलंग पर
नाक पर रख चश्मा सरकाती
(जो वहाँ नहीं है)
मोहन
कु…
2 years ago
Mukti | Kedarnath Singh
Episode 551
मुक्ति | केदारनाथ सिंह
मुक्ति का जब कोई रास्ता नहीं मिला
मैं लिखने बैठ गया हूँ
मैं लिखना चाहता हूँ 'पेड़'
यह जानते हुए कि लिखना पेड़ हो जाना है
मैं लिखना …
2 years ago
Hum Laut Jayenge | Shashiprabha Tiwari
Episode 550
हम लौट जाएंगे | शशिप्रभा तिवारी
कितने रात जागकर
हमने तुमने मिलकर
सपना बुना था
कभी इस नीम की डाल पर बैठ
कभी उस मंदिर कंगूरे पर बैठ
कभी तालाब के किनारे…
2 years ago
Pehra | Archana Verma
Episode 549
पहरा | अर्चना वर्मा
जहां आज बर्फ़ है
बहुत पहले
वहां एक नदी थी
एक चेहरा है निर्विकार
जमी हुई नदी.
आंख, बर्फ़ में सुराख़
द्वार के भीतर
है तो एक संसार मगर
कैद
हल…
2 years ago
Bahut Pehle Se | Firaq Gorakhpuri
Episode 548
बहुत पहले से | फ़िराक़ गोरखपुरी
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं
मिरी नज़रें भी ऐसे क़ातिलों का जान ओ …
2 years ago
Samay Nahin Lagta Hain | Ajay Jugran
Episode 547
समय नहीं लगता है | अजेय जुगरान
आज के कल हो जाने में
कल के कभी नहीं होने में
समय नहीं लगता है।
अक्सर इस छोटे से जीवन में
अवसर को पाकर खोने में
समय नहीं लगता…
2 years ago
Hum Hain Tana Huma Hain Bana | Uday Prakash
Episode 546
हम हैं ताना, हम हैं बाना | उदय प्रकाश
हम हैं ताना, हम हैं बाना।
हमीं चदरिया, हमीं जुलाहा, हमीं गजी, हम थाना॥ हम हैं ताना''॥
नाद हमीं, अनुनाद हमीं, निः…
2 years ago