Podcast Episodes
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Kaun Ho Tum | Anjana Bakshi
Episode 491
कौन हो तुम | अंजना बख्शी
तंग गलियों से होकर
गुज़रता है कोई
आहिस्ता-आहिस्ता
फटा लिबास ओढ़े
कहता है कोई
आहिस्ता-आहिस्ता
पैरों में नहीं चप्पल उसके
काँटों भरी स…
2 years ago
Tha Kiska Adhoorapan | Nandkishore Acharya
Episode 490
था किसका अधूरापन | नंदकिशोर आचार्य
शुरू में शब्द था केवल'
-शब्द
जो मौन को आकार देता है
इसलिए मौन को पूर्ण
करता हुआ
उसी से बनी है
यह सृष्टि
पर सृष्टि में पूर…
2 years ago
Kabaadkhana | Pratibha Saxena
Episode 489
कबाड़खाना | प्रतिभा सक्सेना
हर घर में
कुछ कुठरियाँ या कोने होते हैं,
जहाँ फ़ालतू कबाड़ इकट्ठा रहता है.
मेरे मस्तिष्क के कुछ कोनों में भी
ऐसा ही अँगड़-खंगड…
2 years ago
Baarish Chamatkaar Ki Tarah Hoti Hai | Shahanshah Alam
Episode 488
बारिश चमत्कार की तरह होती है | शहंशाह आलम
बारिश चमत्कार की तरह होती है
उसने मुझे यह बात इस तरह बताई
जिस तरह कोई अपने भीतर के
किसी चमत्कार के बारे में बत…
2 years ago
Ye Bhari Aankhen Tumhari | Kunwar Bechain
Episode 487
ये भरी आँखें तुम्हारी | कुँअर बेचैन
जागती हैं
रात भर क्यों
ये भरी आँखें तुम्हारी!
क्या कहीं दिन में
तड़पता स्वप्न देखा
सुई जैसी चुभ गई क्या
हस्त-रेखा …
2 years ago
Zindagi Tere Ghere Mein Rehkar | Sheoraj Singh 'Bechain'
Episode 486
ज़िन्दगी तेरे घेरे में रहकर - श्योराज सिंह 'बेचैन'
ज़िन्दगी तेरे घेरे में रहकर
क्या करें इस बसेरे में रहकर
इस उजाले में दिखता नहीं कुछ
आँख चुंधियाएँ…
2 years ago
Khali Jagah | Amrita Pritam
Episode 485
ख़ाली जगह | अमृता प्रीतम
सिर्फ़ दो रजवाड़े थे –
एक ने मुझे और उसे
बेदखल किया था
और दूसरे को
हम दोनों ने त्याग दिया था।
नग्न आकाश के नीचे –
मैं कितनी ही देर …
2 years ago
Tum Hansi Ho | Agyeya
Episode 484
तुम हँसी हो | अज्ञेय
तुम हँसी हो - जो न मेरे होंठ पर दीखे,
मुझे हर मोड़ पर मिलती रही है।
धूप - मुझ पर जो न छाई हो,
किंतु जिसकी ओर
मेरे रुद्ध जीवन की क…
2 years ago
Choolhe Ke Paas | Madan Kashyap
Episode 483
चूल्हे के पास - मदन कश्यप
गीली लकड़ियों को फूँक मारती
आँसू और पसीने से लथपथ
चूल्हे के पास बैठी है औरत
हज़ारों-हज़ार बरसों से
धुएँ में डूबी हुई
चूल्हे के …
2 years ago
Koi Aadmi Mamuli Nahi Hota | Kunwar Narayan
Episode 482
कोर्ई आदमी मामूली नहीं होता | कुंवर नारायण
अकसर मेरा सामना हो जाता
इस आम सचाई से
कि कोई आदमी मामूली नहीं होता
कि कोई आदमी ग़ैरमामूली नहीं होता
आम तौर पर,…
2 years ago