Podcast Episodes
Back to Search
Apni Devnagri Lipi | Kedarnath Singh
Episode 501
अपनी देवनागरी लिपि | केदारनाथ सिंह
यह जो सीधी-सी, सरल-सी
अपनी लिपि है देवनागरी
इतनी सरल है
कि भूल गई है अपना सारा अतीत
पर मेरा ख़याल है
'क' किसी कुल्हाड़ी …
1 year, 11 months ago
Dhela | Uday Prakash
Episode 500
ढेला | उदय प्रकाश
वह था क्या एक ढेला था
कहीं दूर गाँव-देहात से फिंका चला आया था
दिल्ली की ओर
रोता था कड़कड़डूमा, मंगोलपुरी, पटपड़गंज में
खून के आँसू चुपच…
1 year, 11 months ago
O Mandir Ke Shankh, Ghantiyon | Ankit Kavyansh
Episode 499
ओ मन्दिर के शंख, घण्टियों | अंकित काव्यांश
ओ मन्दिर के शंख, घण्टियों तुम तो बहुत पास रहते हो,
सच बतलाना क्या पत्थर का ही केवल ईश्वर रहता है?
मुझे मिली अ…
1 year, 11 months ago
Tum Aayin | Kedarnath Singh
Episode 498
तुम आईं | केदारनाथ सिंह
तुम आईं
जैसे छीमियों में धीरे- धीरे
आता है रस
जैसे चलते-चलते एड़ी में
काँटा जाए धँस
तुम दिखीं
जैसे कोई बच्चा
सुन रहा हो कहानी
तुम हँस…
1 year, 11 months ago
Raat Kati Din Tara Tara | Shiv Kumar Batalvi
Episode 497
रात कटी गिन तारा तारा - शिव कुमार बटालवी
अनुवाद: आकाश 'अर्श'
रात कटी गिन तारा तारा
हुआ है दिल का दर्द सहारा
रात फुंका मिरा सीना ऐसा
पार अर्श के गया शर…
1 year, 11 months ago
Apne Purkhon Ke Liye | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 496
अपने पुरखों के लिए | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
इसी मिट्टी में
मिली हैं उनकी अस्थियाँ
अँधेरी रातों में
जो करते रहते थे भोर का आवाहन
बेड़ियों में जकड़े हुए
जो …
1 year, 11 months ago
Amaltaash | Anjana Verma
Episode 495
अमलताश | अंजना वर्मा
उठा लिया है भार
इस भोले अमलताश ने
दुनिया को रौशन करने का
बिचारा दिन में भी
जलाये बैठा है करोड़ों दीये!
न जाने किस स्त्री ने
टाँग दिये अ…
1 year, 11 months ago
Atyachari ke Pramaan | Manglesh Dabral
Episode 494
अत्याचारी के प्रमाण | मंगलेश डबराल
अत्याचारी के निर्दोष होने के कई प्रमाण हैं
उसके नाखुन या दाँत लम्बे नहीं हैं
आँखें लाल नहीं रहती...
बल्कि वह मुस्करा…
1 year, 11 months ago
Main Shamil Hun Ya Na Hun | Nasira Sharma
Episode 493
मैं शामिल हूँ या न हूँ | नासिरा शर्मा
मैं शामिल हूँ या न हूँ मगर हूँ तो
इस काल- खंड की चश्मदीद गवाह!
बरसों पहले वह गर्भवती जवान औरत
गिरी थी, मेरे उपन्…
1 year, 11 months ago
Ambapali | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 492
अम्बपाली | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
मंजरियों से भूषित
यह सघन सुरोपित आम्र कानन
सत्य नहीं है, अम्बपाली !
-यही कहा तथागत ने
झड़ जाएँगी तोते के पंख जैसी पत्त…
1 year, 11 months ago