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Hum Hain Tana Huma Hain Bana | Uday Prakash

Hum Hain Tana Huma Hain Bana | Uday Prakash

Episode 546 Published 1 year, 10 months ago
Description

हम हैं ताना, हम हैं बाना |  उदय प्रकाश 


हम हैं ताना, हम हैं बाना।

हमीं चदरिया, हमीं जुलाहा, हमीं गजी, हम थाना॥ हम हैं ताना''॥

नाद हमीं, अनुनाद हमीं, निःशब्द हमीं गंभीरा,

अंधकार हम, चाँद-सूरज हम, हम कान्हा, हम मीरा।

हमीं अकेले, हमीं दु्केले, हम चुग्गा, हम दाना॥ हम हैं ताना'''॥

मंदिर-महजिद, हम. गुरुद्वारा, हम मठ, हम बैरागी

हमीं पुजारी, हमीं देवता, हम कीर्तन, हम रागी।

आखत-रोली, अलख-भभूती, रूप धरें हम नाना॥ हम हैं ताना''॥

मूल-फूल हम, रुत बादल हम, हम माटी, हम पानी

हमीं जहूदी-शेख-बरहमन, हरिजन हम खिस्तानी।

पीर-अघोरी, सिद्ध-औलिया, हमीं पेट, हम खाना॥ हम हैं ताना॥

नाम-पता, ना ठौर-ठिकाना, जात-धरम ना कोई

मुलक-खलक, राजा-परजा हम, हम बेलन, हम लोई।

हमही दुलहा, हमीं बराती, हम फूँका, हम छाना॥ हम हैं ताना''॥


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