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Stree Ki Neend | Nilesh Raghuvanshi
Episode 1187
स्त्री की नींद। नीलेश रघुवंशी
एक छोटे से डाकखाने में
वो स्त्री अपनी सीट पर इतनी उदास इतनी अकेली
समय उसके आसपास नहीं होता ऊँघते और झपकियाँ लेते
एक ही गल…
1 month ago
Parantu | Kumar Ambuj
Episode 1186
परंतु । कुमार अम्बुज
बुद्धिजीवी भी सड़क पर आ सकते हैं
परंतु क्या करें यह सरकार ठीक नहीं है
माना कि यह लोकतंत्र है
और हम सुधारना चाहते हैं यह समाज
परंतु इध…
1 month ago
Kitab Ke Phool | Tanwir Sheikh 'Ilham'
Episode 1185
किताब के फूल । तनवीर शेख़ 'इल्हाम’
जब भी
अपने प्रेमिका को
देना गुलाब
देना संग किताबें भी
ताकी उन किताबों में
उस गुलाब को संजो सके
तुम्हारे दिए खतों को
उस कित…
1 month ago
Swaron Ka Samarpan | Shrikant Verma
Episode 1184
स्वरों का समर्पण । श्रीकांत वर्मा
डबडब अँधेरे में, समय की नदी में
अपने-अपने दिये सिरा दो;
शायद कोई दिया क्षितिज तक जा,
सूरज बन जाए!!
हरसिंगार जैसे यदि चुए…
1 month ago
Deewar | Saqi Farooqui
Episode 1183
दीवार । साक़ी फ़ारुक़ी
रगों में नाच रहा है इक आतिशीं ज़हराब
आतिशीं: अग्निमय ज़हराब: ज़हरीला पानी
तिरी तलाश फ़क़त जिस्म का तक़ाज़ा है
तिरी तलब के जहन्नम म…
1 month ago
Ichhayein | Asteek Vajpeyi
Episode 1182
इच्छाएँ । आस्तीक वाजपेयी
लकड़ी की अलमारी पर धूल,
उनसे चिपकी दीवार पर टँगी इच्छाएँ।
जैसे मैं अलमारी को,
वैसे पूरी न हुई इच्छाएँ मुझे,
झाड़ने आती हैं।
1 month ago
Zindagi Jab Bhi Teri Bazm Mein | Shahryar
Episode 1181
ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें । शहरयार
ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
सुर्ख़ फूलों से महक…
1 month ago
Milan | Bharat Bhushan Aggarwal
Episode 1180
मिलन । भारतभूषण अग्रवाल
छलक कर आई न पलकों पर विगत पहचान,
मुस्कुरा पाया न ओठों पर प्रणय का गान;
ज्यों जुड़ीं आँखें, मुड़ीं तुम, चल पड़ा मैं मूक -
इस मिलन …
1 month, 1 week ago
Diya | Om Prakash Valmiki
Episode 1179
दिया । ओमप्रकाश वाल्मीकि
कच्चे घर में
जलते दीए की रोशनी पर
क़ब्ज़ा करके बैठ गए हो तुम।
लौ के ठीक ऊपर काला धुआँ है।
जो पर्त दर-पर्त
कालिख पोत रहा है
दीवार प…
1 month, 1 week ago
Mobile | Manglesh Dabral
Episode 1178
मोबाइल । मंगलेश डबराल
वे गले में सोने की मोटी जंज़ीर पहनते हैं
कमर में चौड़ी बेल्ट लगाते हैं
और मोबाइलों पर बात करते हैं
वे एक आधे अँधेरे और आधे उजले रेस…
1 month, 1 week ago