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Aisa Bhi Ho Sakta Hai | Balli Singh Cheema

Aisa Bhi Ho Sakta Hai | Balli Singh Cheema

Episode 1251 Published 4 weeks, 1 day ago
Description

ऐसा भी हो सकता है |  बल्ली सिंह चीमा


साज़िश में वो ख़ुद शामिल हो, ऐसा भी हो सकता है,

मरने वाला ही क़ातिल हो, ऐसा भी हो सकता है ।


आज तुम्हारी मंज़िल हूँ मैं, मेरी मंज़िल और कोई,

कल को अपनी इक मंज़िल हो, ऐसा भी हो सकता है ।


साहिल की चाहत है लेकिन, तैर रहा हूँ बीचों-बीच,

मंझधारों में ही साहिल हो, ऐसा भी हो सकता है ।


तेरे दिल की धडकन मुझको लगे है अपनी-अपनी-सी,

तेरा दिल ही मेरा दिल हो, ऐसा भी हो सकता है ।


जीवन भर भटका हूँ ‘बल्ली’, मंज़िल हाथ नहीं आई,

मेरे पैरों में मंज़िल हो ऐसा भी हो सकता है ।


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