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Dastak | Gulzar
Episode 1240
दस्तक । गुलज़ार
सुब्ह सुब्ह इक ख़्वाब की दस्तक पर दरवाज़ा खोला'
देखा सरहद के उस पार से कुछ मेहमान आए हैं
आँखों से मानूस थे सारे
चेहरे सारे सुने सुनाए
पाँ…
1 month, 1 week ago
Shraadh | Ashutosh Sharma
Episode 1239
श्राद्ध - आशुतोष शर्मा
किसी चींटी को बचपन में कुचला था
केंचुए को बीच से काट दिया था मेरा जूता
छत से मारे थे चप्पल किसी भिखारी को
किसी को कुलटा तो किसी क…
1 month, 1 week ago
Ek Khwaish | Amrita Sinha
Episode 1238
एक ख्वाहिश । अमृता सिन्हा
कभी कभी कुछ दूरियाँ अच्छी होती हैं,
जैसे आँखों से काजल की दूरी
कढ़ाही से करछी की दूरी
लेखक की कलम से दूरी
रचनाकार की रचनात्मकता …
1 month, 1 week ago
Vismay Tarbooz Ki Tarah | Alok Dhanwa
Episode 1237
विस्मय तरबूज की तरह । आलोकधन्वा
तब वह ज़्यादा बड़ा दिखाई देने लगा
जब मैं उसके किनारों से वापस आया
वे स्त्रियाँ अब अधिक दिखाई देती हैं
जिन्होंने बचपन में…
1 month, 1 week ago
Indhan | Gulzar
Episode 1236
ईंधन । गुलज़ार
छोटे थे, माँ उपले थापा करती थी
हम उपलों पर शक्लें गूँधा करते थे
आँख लगाकर - कान बनाकर
नाक सजाकर -
पगड़ी वाला, टोपी वाला
मेरा उपला -
तेरा उपल…
1 month, 2 weeks ago
Kitabein | Tanwir Sheikh Ilham
Episode 1235
किताबें। तनवीर शेख़ 'इल्हाम’
किताबें पढ़ा करों
ये तार्किक बनाती हैं तुम्हें
और बनाती हैं मार्मिक तुम्हारे विचारों को
ताकि तुम अपने अधिकार को
अपने कर्तव…
1 month, 2 weeks ago
Upeksha | Subhadra Kumari Chauhan
Episode 1234
उपेक्षा । सुभद्राकुमारी चौहान
इस तरह उपेक्षा मेरी,
क्यों करते हो मतवाले!
आशा के कितने अंकुर,
मैंने हैं उर में पाले॥
विश्वास-वारि से उनको,
मैंने है सींच बढ…
1 month, 2 weeks ago
Mujhe Teen Do Shabd | Agyeya
Episode 1233
मुझे तीन दो शब्द । अज्ञेय
मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ।
एक शब्द वह जो न कभी जिह्वा पर लाऊँ,
और दूसरा : जिसे कह सकूँ
किंतु दर्द मेरे से जो ओछा पड…
1 month, 2 weeks ago
Gawahi | Adnan Kafeel Darwesh
Episode 1232
गवाही। अदनान कफ़ील दरवेश
क़ब्र में
मेरी बगल में ही लिटाना
मेरी कविता को भी
जो मेरी दोस्त रही
मेरे उन यातना के क्षणों में भी
इस तरह हम एक साथ उठेंगे
महशर क…
1 month, 2 weeks ago
Kashi Mere Kashi | Aishwarya Tiwari
Episode 1231
काशी मेरे काशी । ऐश्वर्या तिवारी
मैं निरे शुन्य मैं बैठी
वो जब आया था तो शुन्य हुए आया था
हर बार कहता था -
मैं कुछ नहीं, कोई नहीं मैं।
हम मिलते
बैठते कई घ…
1 month, 2 weeks ago