Episode Details
Back to Episodes
Kitabein | Tanwir Sheikh Ilham
Description
किताबें। तनवीर शेख़ 'इल्हाम’
किताबें पढ़ा करों
ये तार्किक बनाती हैं तुम्हें
और बनाती हैं मार्मिक तुम्हारे विचारों को
ताकि तुम अपने अधिकार को
अपने कर्तव्य को समझ सको, परख सको
किताबें पढ़ा करों
क्योंकि ये तुम्हें साँचे में ढालकर
तुम्हारे व्यक्तित्व को और अद्वितीय बनाती है
ठीक उस कुम्हार की तरह जो
खुरदुरी मिट्टी को साँचकर
उसका मोल बढ़ाते हैं
तो तुम पढ़ो किताबें
जितनी हो सके पढ़ो
ताकि तुम ख़ुद को जान सको
और जान सकों अपने हृदय की चाहत को
ताकि लड़कर जीत सकों उस समाज से
जिसने तुम्हें जकड़े रखा है
तो तुम पढ़ो...
और तब तक मत रुको
जब तक तुम उस आसमाँ को पा न लो
जो तुम्हारा ही है
और आत्मसात कर लो कि
ये किताबें क्रांति है
इसे पढ़ने वाला
इसे समझने वाला
और इसका प्रयोग करने वाला
हर एक मनुष्य क्रांतिकारी है!