Podcast Episodes
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Prakriya | Kedarnath Singh
Episode 1197
प्रक्रिया । केदारनाथ सिंह
मैं जब हवा की तरह
दृश्यों के बीच से गुज़रता हुआ
अकेला होता हूँ
तो क्षण भर के लिए
मुझे कहीं भी देखा जा सकता है
किसी भी दिशा से
किस…
2 weeks, 6 days ago
Vismriti | Sushma Kumari
Episode 1196
विस्मृति। सुषमा कुमारी
हम दूसरी दुनिया के
चौथे, पाँचवे या सबसे निचले दर्जे के
बचे हुए मुट्ठी भर अनाज हैं,
आधे गेहूँ और आधे घून की तरह
बची हुई हमारी नियत…
3 weeks ago
Sau Sau Janam Pratiksha Kar Lun | Bharat Bhushan
Episode 1195
सौ-सौ जनम प्रतीक्षा कर लूँ। भारत भूषण
सौ-सौ जनम प्रतीक्षा कर लूँ
प्रिय मिलने का वचन भरो तो!
पलकों-पलकों शूल बुहारूँ
अँसुअन सींचू सौरभ गलियाँ
भँवरों पर पह…
3 weeks, 1 day ago
O Achchi Ladkiyon | Pratibha Katiyar
Episode 1194
ओ अच्छी लड़कियों | प्रतिभा कटियार
ओ अच्छी लड़कियो,
तुम मुस्कुराहटों में सहेज देती हो दुःख
ओढ़ लेती हो चुप्पी की चुनर
जब बोलना चाहती हो दिल से
तो बाँध लेत…
3 weeks, 2 days ago
Auratein Kaam Karti Hain | Shubha
Episode 1193
औरतें काम करती हैं । शुभा
चित्रकारों, राजनीतिज्ञों, दार्शनिकों की
दुनिया के बाहर
मालिकों की दुनिया के बाहर
पिताओं की दुनिया के बाहर
औरतें बहुत से काम करती…
3 weeks, 3 days ago
Laut Te Nahi Pita | Kumar Divyanshu Shekhar
Episode 1192
लौटते नहीं पिता । कुमार दिव्यनशु शेखर
नीम-अँधेरे घर से निकले पिता
अँधेरे से पहले लौट आने की बात दोहरा के।
लौटी एक ख़बर
लौटा एक एम्बुलेस।
नीम-अँधेरे निकले…
3 weeks, 4 days ago
Hulchal | Anurag Tiwari
Episode 1191
हलचल। अनुराग तिवारी
तेज़ कुछ भी हो सकता है
किंतु
सबसे तेज़ क्या है
चीते की चाल
बाज़ की नज़र
नहीं।
सबसे तेज़ हलचल होती है
जैसे आज एक हलचल हुई,
मेरी आहट से दी…
3 weeks, 5 days ago
Bacha Rahe Humare Beech Ka Ishwar | Arun Kumar Singh
Episode 1190
बचा रहे हमारे बीच का ईश्वर । अरुण कुमार सिंह
तुम जागती करवटों से लिखते हो कोई नाम
सुबह चादर बूँद-बूँद निचोड़ती है अपनी पीड़ा
बहेलिए ने मारा फिर कैद की…
3 weeks, 6 days ago
Chaton Par Ladkiyan | Alok Dhanwa
Episode 1189
छतों पर लड़कियाँ । आलोक धन्वा
अब भी
छतों पर आती हैं लड़कियाँ
मेरी ज़िंदगी पर पड़ती हैं उनकी परछाइयाँ।
गो कि लड़कियाँ आयी हैं उन लड़कों के लिए
जो नीचे गलि…
4 weeks ago
Hoke Mayoos Na Yun Sham Se Dhalte Rahiye | Kunwar Bechain
Episode 1188
हो के मायूस न यूँ शाम से ढलते रहिए। कुंवर बेचैन
हो के मायूस न यूँ शाम से ढलते रहिए
ज़िंदगी भोर है सूरज से निकलते रहिए
एक ही ठाँव पे ठहरेंगे तो थक जाएँग…
4 weeks, 1 day ago