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Akoo (Main) | Khairul Anwar

Akoo (Main) | Khairul Anwar

Episode 1254 Published 3 weeks, 5 days ago
Description

अकू | ख़ैरुल अनवर

अनुवाद : जितेंद्र कुमार त्रिपाठी


अगर मेरा अंतिम समय आ जाए तो


मैं नहीं चाहूँगा कि कोई मुझे दिलासा दे

तुम भी नहीं


मुझे उन आँसुओं की ज़रूरत नहीं

मैं भेड़िया हूँ


अपने झुंड से अलग

चीरने दो गोलियों को मेरी चर्बी


मैं फिर भी डटा रहूँगा

घाव और विष दोनों ही


संग-साथ लेकर

दौड़ता रहूँगा


जब तक यह चुभता दर्द जाता नहीं

और किंचित ही परवाह किए बिना


मैं जीना चाहता हूँ

एक हज़ार साल और…


(अकू : इंडोनेशियाई भाषा में—मैं)

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