Podcast Episodes
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Bees Baras Baad | Satyam Tiwari
Episode 1050
बीस बरस बाद । सत्यम तिवारी
जो जहाँ है वहाँ नहीं मिलेगा
मरीचिकाएं अब एक पुरानी सदा हैं
और उठे हुए हाथ हवा में गिर जाते हैं
तय करना मुश्किल है ऐसे में म…
5 months, 2 weeks ago
Kab Yaad Me Tera Saath Nahi | Faiz Ahmed Faiz
Episode 1049
कब याद में तेरा साथ नहीं । फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
कब याद में तेरा साथ नहीं कब हाथ में तेरा हाथ नहीं
सद-शुक्र कि अपनी रातों में अब हिज्र की कोई रात नहीं
मुश्कि…
5 months, 3 weeks ago
Political And Physical Maps Of India | Priyankshi Mohan
Episode 1048
पॉलिटिकल एंड फिज़ीकल मैप्स ऑफ इंडिया। प्रियंक्षी मोहन
अखबार के पीछे से
भेदती हैं पिता की आँखें
एक समय के बाद
माँ के हाथ की बनी
गर्म, फूली हुई रोटियां भी…
5 months, 3 weeks ago
Sapne | Paash
Episode 1047
सपने । पाश
अनुवाद : चमनलाल
सपने
हर किसी को नहीं आते
बेजान बारूद के कणों में
सोई आग को सपने नहीं आते
बदी के लिए उठी हुई
हथेली के पसीने को सपने नहीं आते
शेल्फ़…
5 months, 3 weeks ago
Garibi | Dhoomil
Episode 1046
ग़रीबी । धूमिल
ग़रीबी
एक ख़ुली हुई क़िताब
जो हर समझदार
और मूर्ख के हाथ में दे दी गई है।
कुछ उसे पढ़ते हैं
कुछ उसके चित्र देख
उलट-पुलट रख देते
नीचे ’शो-केस’ क…
5 months, 3 weeks ago
Sadak | Dheeraj
Episode 1045
सड़क । धीरज
तुम्हारा जाना,
मेरा ऐसे छूट जाना
जैसे हर साल छूट जाती है
गाँव की एक ख़राब सड़क
जिस पर लड़ा जा सके अगले साल का चुनाव।
5 months, 3 weeks ago
Pahadi Aurat | Nirmala Putul
Episode 1044
पहाड़ी औरत। निर्मला पुतुल
वह जो सर पे सूखी लकड़ियों का गट्ठर लादे
पहाड़ से उतर रही है
पहाड़ी स्त्री
अभी-अभी जाएगी बाज़ार
और बेचकर सारी लकड़ियाँ
बुझाए…
5 months, 3 weeks ago
Raat Mein Boat Club | Hemant Deolekar
Episode 1043
रात में बोट क्लब । हेमंत देवलेकर
रुकी हुई नावें :
जैसे लहरों ने
बेतरतीबी से उतार फैंकी
अपनी जूतियाँ
और समा गई तलघर में
उनकी नींद पर
मछलियों का पहरा है
बंद है…
5 months, 3 weeks ago
Phool Khilkar Rahenge | Vishnu Nagar
Episode 1042
फूल खिल कर रहेंगे । विष्णु नागर
तुमने पत्थर बोए
तो पत्थर ही उगे
लेकिन पत्थरों ने अपने ऊपर
मिट्टी जमने नहीं दिया
हवा से नमी खींच ली
पौधे उगने बढ़ने ल…
5 months, 4 weeks ago
Kasbon Mein Chal Pustakalay | Anamika
Episode 1041
क़स्बों में चल पुस्तकालय । अनामिका
भाषाविद तो मैं नहीं हूँ,
पर बचपन में अक्सर ही सोचती थी मैं-
हमारी तरफ़ रूठ जाने को क्यों कहते हैं रूस जाना ।
औरतें ह…
5 months, 4 weeks ago