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Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

Main To Arrey Kar Ke Reh Gaya | Naveen Sagar

Episode 1106 Published 3 months, 3 weeks ago
Description

मैं तो अरे! करके रह गया। नवीन सागर


अरे!


सब कुछ समझ से परे

कोई क्या करे!


क्या करे वह जो सुन रहा है अंतर्तम की आवाज़

सीधे सरल जीवन की चाह


आह!

ओछेपन पर सर्वत्र वाह! वाह।


हत्यारों पर आसमान से फूल झर रहे हैं

जो मर रहे हैं उनके पास


कोई नहीं है

माँ स्तंभित है कब से रोई नहीं है


घरों में दुःख अट रहा है

अटूट बाज़ारों में सुख बिक रहा है


ईश्वर से बड़ा यह कौन दिख रहा है जो

हमारी दैनंदिनी लिख रहा है


जो फिंकना था वह सहेजा गया है

जो रखना था वो फिंक रहा है


अरे!

मैं तो अरे करके रह गया!

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