Podcast Episodes
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Kalam Tere Haath Mei Hai | Bhawani Prasad Mishra
Episode 1060
क़लम तेरे हाथ में है । भवानीप्रसाद मिश्र
क़लम तेरे हाथ में है, जो चाहे सो लिख
कुछ न सूझे तो अपना नाम लिख
क्या ज़रूरी है कि जो कुछ लिखा, वह छपे भी
न छपे स…
5 months, 1 week ago
Neend Uchat Jati Hai | Narendra Sharma
Episode 1059
नींद उचट जाती है । नरेंद्र शर्मा
जब-तब नींद उचट जाती है
पर क्या नींद उचट जाने से
रात किसी की कट जाती है?
देख-देख दु:स्वप्न भयंकर,
चौंक-चौंक उठता हूँ डरकर;…
5 months, 1 week ago
Mujhe Tez Dhar Wali Kavitayein Chahiye | Pratibha Katiyar
Episode 1058
मुझे तेज़ धार वाली कविताएँ चाहिए । प्रतिभा कटियार
मुझे तेज़ धार वाली कविताएँ चाहिए
जिनके किनारे से गुज़रते हुए लहूलुहान हो जाए जिस्म
जिन्हें हाथ लगाते ह…
5 months, 1 week ago
Maun | Suryakant Tripathi 'Nirala'
Episode 1057
मौन । सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
बैठ लें कुछ देर,
आओ, एक पथ के पथिक-से
प्रिय, अंत और अनंत के,
तम-गहन-जीवन घेर।
मौन मधु हो जाए
भाषा मूकता की आड़ में,
मन सरल…
5 months, 1 week ago
Bas Ek Vachan | Mridula Shukla
Episode 1056
बस एक वचन। मृदुला शुक्ला
जब तुम मुझसे कर रहे थे प्रणय निवेदन
तुम्हारी गर्म हथेलियों के बीच
कंपकंपा रहा था मेरा दायाँ हाथ
उसी वक़्त, तुम्हारे कमरे की दीव…
5 months, 2 weeks ago
Ghar Pe Thande Choolhe Par | Adam Gondvi
Episode 1055
घर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है।अदम गोंडवी
घर पे ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है
बताओं कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है
भटकती है हमारे गाँव …
5 months, 2 weeks ago
Pani Aur Dhoop | Subhadra Kumari Chauhan
Episode 1054
पानी और धूप । सुभद्राकुमारी चौहान
अभी अभी थी धूप, बरसने
लगा कहाँ से यह पानी
किसने फोड़ घड़े बादल के
की है इतनी शैतानी।
सूरज ने क्यों बंद कर लिया
अपने घर क…
5 months, 2 weeks ago
Is Janam Mein | Rajula Shah
Episode 1053
इस जनम में । राजुला शाह
अचरज हो तुम
एक दु:स्वप्न से जग
कमरे में
अलस्सुबह
परदे उड़ाते आती
हवा-सा अचरज।
इसके आगे मगर
मुझे कुछ याद नहीं
जगता हूँ तो स्वप्न भुला ज…
5 months, 2 weeks ago
Jisko Bachpan Me Dekha | Madhav Kaushik
Episode 1052
जिसको बचपन में देखा । माधव कौशिक
जिसको बचपन में देखा वो पनघट पोखर ढूंढूंगा।
अगली बार गाँव में जाकर फिर अपना घर ढूंढूंगा।
ऐसा लगता है टाँगे ही टाँगे हैं …
5 months, 2 weeks ago
Na Tha Kuch To Khuda Tha | Mirza Ghalib
Episode 1051
न था कुछ तो ख़ुदा था। मिर्ज़ा ग़ालिब
न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता
डुबोया मुझ को होने ने न होता मैं तो क्या होता
हुआ जब ग़म से यूँ बे-हि…
5 months, 2 weeks ago