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Ye Kya Hai Mohabbat Mein | Shahryar
Episode 1118
Published 3 months, 1 week ago
Description
ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता । शहरयार
ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता
मैं तुझ से जुदा हो के भी तन्हा नहीं होता
इस मोड़ से आगे भी कोई मोड़ है वर्ना
यूँ मेरे लिए तू कभी ठहरा नहीं होता
क्यूँ मेरा मुक़द्दर (क़िस्मत) है उजालों की सियाही
क्यूँ रात के ढलने पे सवेरा नहीं होता
या इतनी न तब्दील हुई होती ये दुनिया
या मैं ने इसे ख़्वाब में देखा नहीं होता
सुनते हैं सभी ग़ौर से आवाज़-ए-जरस* को
मंज़िल की तरफ़ कोई रवाना नहीं होता
*(कारवाँ की घंटी की आवाज़)
दिल तर्क-ए-तअ'ल्लुक़* पे भी आमादा नहीं है
और हक़ भी अदा इस से वफ़ा का नहीं होता
*किसी रिश्ते का परित्याग करना