Podcast Episodes
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Loktantrikta Mein Choona | Rupam Mishra
Episode 1040
लोकतांत्रिकता में छूना। रूपम मिश्र
बुख़ार से देह इतनी निढाल है कि मौत से पहले ही माटी की लगने लगी हूँ
घर से दूर हूँ तो घर की ज़्यादा लगने लगी हूँ
कदमो…
5 months, 4 weeks ago
Dharti Ka Pehla Premi | Bhawani Prasad Mishra
Episode 1039
धरती का पहला प्रेमी । भवानीप्रसाद मिश्र
एडिथ सिटवेल ने
सूरज को धरती का
पहला प्रेमी कहा है
धरती को सूरज के बाद
और शायद पहले भी
तमाम चीज़ों ने चाहा
जाने कितन…
6 months ago
Main Kiski Aurat Hun | Savita Singh
Episode 1038
मैं किसकी औरत हूँ । सविता सिंह
मैं किसकी औरत हूँ
कौन है मेरा परमेश्वर
किसके पाँव दबाती हूँ
किसका दिया खाती हूँ
किसकी मार सहती हूँ...
ऐसे ही थे सवाल उसके
बै…
6 months ago
Mera Ghar | Purnima Varman
Episode 1037
मेरा घर। पूर्णिमा वर्मन
मैंने सुई से खोदी ज़मीन
‘फुलकारियां’ उगाई दुपट्टों पर
मैंने दीवारों में रचे ‘ताख़’ दीवट वाले
मैंने दरवाज़ों को दी राह बंदनवार व…
6 months ago
Zayid Zindagi | Shariq Kaifi
Episode 1036
ज़ाइद ज़िन्दगी । शारिक़ कैफ़ी
कहानी और होती कुछ हमारी
अगर हम वक़्त से सोने की आदत डाल लेते
मगर हम तो
न जाने क्या समझते थे सहर तक जागने को
जो हम ने जाग कर …
6 months ago
Do Boondein | Jaishankar Prasad
Episode 1035
दो बूँदें। जयशंकर प्रसाद
शरद का सुंदर नीलाकाश
निशा निखरी, था निर्मल हास
बह रही छाया पथ में स्वच्छ
सुधा सरिता लेती उच्छ्वास
पुलक कर लगी देखने धरा
प्रकृति भी…
6 months ago
Neend | Alok Dhanwa
Episode 1034
नींद। आलोक धन्वा
रात के आवारा
मेरी आत्मा के पास भी रुको
मुझे दो ऐसी नींद
जिस पर एक तिनके का भी दबाव ना हो
ऐसी नींद
जैसे चांद में पानी की घास
6 months ago
Koi Awaz Nahin | Tanwir Anjum
Episode 1033
कोई आवाज़ नहीं। तनवीर अंजुम
अनुवाद: रिचर्ड जे कोहेन
गर्द हमारे घरों तक फैल गई
उस मौसम में कोई बारिश नहीं
हम ने बादल के आख़िरी टुकड़े को गुज़र जाने दिया
अब…
6 months ago
Ujda Mera Gaon | Rita Shukla
Episode 1032
उजड़ा मेरा गाँव। ऋता शुक्ल
आम नीम महुआ की छाया
नंदन कानन गाँव हमारा
काशी मथुरा वृन्दावन
गंगासागर से अधिक दुलारा
चैता फगुआ ढोल झाल से
मह मह करती थीं चौपा…
6 months, 1 week ago
Humein Bhool Jana Chahiye | Afzal Ahmed Sayyid
Episode 1031
हमें भूल जाना चाहिए । अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
उस ईंट को भूल जाना चाहिए
जिस के नीचे हमारे घर की चाबी है
जो एक ख़्वाब में टूट गया
हमें भूल जाना चाहिए
उस बोसे को …
6 months, 1 week ago