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Sahil Aur Samandar | Sarwar
Episode 413
साहिल और समंदर | सरवर
ऐ समंदर
क्यों इतना शोर करते हो
क्या कोई दर्द अंदर रखते हो
यूं हर बार साहिल से तुम्हारा टकराना
किसी के रोके जाने के खिलाफ तो नहीं…
2 years, 4 months ago
Furniture | Anamika
Episode 412
फ़र्नीचर | अनामिका
मैं उनको रोज़ झाड़ती हूँ
पर वे ही हैं इस पूरे घर में
जो मुझको कभी नहीं झाड़ते!
रात को जब सब सो जाते हैं—
अपने इन बरफाते पाँवों पर
आयोडिन…
2 years, 4 months ago
Dua | Manmeet Narang
Episode 411
दुआ | मनमीत नारंग
कतरनें प्यार की
जो फेंक दीं थी बेकार समझकर
चल चुनें तुम और मैं
हर टुकड़ा उस नेमत का
और बुनें एक रज़ाई
छुप जाएं सभी उसमें आज
तुम मेरे …
2 years, 4 months ago
Dahi Jamane Ko Thoda Sa Jaman Dena | Yash Malviya
Episode 410
दही जमाने को, थोड़ा-सा जामन देना | यश मालवीय
मन अनमन है, पल भर को
अपना मन देना
दही जमाने को, थोड़ा-सा
जामन देना
सिर्फ़ तुम्हारे छू लेने से
चाय, चाय हो…
2 years, 4 months ago
Tamasha | Madan Kashyap
Episode 409
तमाशा | मदन कश्यप
सर्कस में शेर से लड़ने की तुलना में बहुत अधिक ताकत और हिम्मत
की ज़रूरत होती है जंगल में शेर से लड़ने के लिए
जो जिंदगी की पगडंडियों प…
2 years, 4 months ago
Jadein | Rajendra Dhodapkar
Episode 408
जड़ें | राजेंद्र धोड़पकर
हवा में बिल्कुल हवा में उगा पेड़
बिल्कुल हवा में, ज़मीन में नहीं
बादलों पर झरते हैं उसके पत्ते
लेकिन जड़ों को चाहिए एक आधार औ…
2 years, 4 months ago
Sanyog | Shahanshah Alam
Episode 407
संयोग | शहंशाह आलम
यह संयोगवश नहीं हुआ
कि मैंने पुरानी साइकिल से
पुराने शहरों की यात्राएं कीं
ख़ानाबदोश उम्मीदों से भरी
इस यात्रा में संयोग यह था
कि तुम्हा…
2 years, 4 months ago
Wahan Nahin Milungi Main | Renu Kashyap
Episode 406
वहाँ नहीं मिलूँगी मैं | रेणु कश्यप
मैंने लिखा एक-एक करके
हर अहसास को काग़ज़ पर
और सँभालकर रखा उसे फिर
दरअस्ल, छुपाकर
मैंने खटखटाया एक दरवाज़ा
और भाग ग…
2 years, 4 months ago
Yadi Chune Hon Shabd | Nandkishore Acharya
Episode 405
यदि चुने हों शब्द | नंदकिशोर आचार्य
जोड़-जोड़ कर
एक-एक ईंट
ज़रूरत के मुताबिक
लोहा, पत्थर, लकड़ी भी
रच-पच कर बनाया है इसे।
गोखे-झरोखे सब हैं
दरवाज़े भी
कि आ-…
2 years, 4 months ago
Dhoop | Roopa Singh
Episode 404
धूप | रूपा सिंह
धूप!!
धधकती, कौंधती, खिलखिलाती
अंधेरों को चीरती, रौशन करती।
मेरी उम्र भी एक धूप थी
अपनी ठण्डी हड्डियों को सेंका करते थे जिसमें तुम!
मेरी आत…
2 years, 4 months ago