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Tumhari Filon Mein Gaon Ka Mausam Gulabi Hai | Adam Gondvi
Episode 392
तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है | अदम गोंडवी
तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है
उधर जम्हूर…
2 years, 5 months ago
Ab Kabhi Milna Nahi Hoga Aisa Tha | Vinod Kumar Shukla
Episode 391
अब कभी मिलना नहीं होगा ऎसा था | विनोद कुमार शुक्ल
अब कभी मिलना नहीं होगा ऎसा था
और हम मिल गए
दो बार ऎसा हुआ
पहले पन्द्रह बरस बाद मिले
फिर उसके आठ बरस बाद…
2 years, 5 months ago
Ummeed Ki Chithi | Neelam Bhatt
Episode 390
उम्मीद की चिट्ठी | नीलम भट्ट
उदासी भरे हताश दिनों में
कहीं दूर खुशियों भरे देस से
मेरी दहलीज़ तक पहुंचे कोई चिट्ठी
उम्मीद की कलम से लिखी
स्नेह भरे दिलास…
2 years, 5 months ago
Cigarette Peeti Hui Aurat | Sarveshwar Dayal Saxena
Episode 389
सिगरेट पीती हुई औरत | सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
पहली बार
सिगरेट पीती हुई औरत
मुझे अच्छी लगी।
क्योंकि वह प्यार की बातें
नहीं कर रही थी।
—चारों तरफ़ फैलता …
2 years, 5 months ago
Jiske Sammohan Mein Pagal Dharti Hai Aakash Bhi Hai | Adam Gondvi
Episode 388
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है | अदम गोंडवी | आरती जैन
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है, आकाश भी है
एक पहेली-सी दुनिया ये गल्प भी है, इतिहास भ…
2 years, 5 months ago
Restaurant Mein Intezar | Rajesh Joshi
Episode 387
रेस्त्राँ में इंतज़ार | राजेश जोशी
वो जिससे मिलने आई है अभी तक नहीं आया है
वो बार बार अपना पर्स खोलती है और बंद करती है
घड़ी देखती है और देखती है
कि …
2 years, 5 months ago
Patang | Arti Jain
Episode 386
पतंग | आरती जैन
हम कमरों की कैद से छूट
छत पर पनाह लेते हैं
जहाँ आज आसमां पर
दो नन्हे धब्बे एक दूसरे संग नाच रहे हैं
"पतंग? यह पतंग का मौसम तो नहीं"
नीचे एम…
2 years, 5 months ago
Yatra | Naresh Saxena
Episode 385
यात्रा | नरेश सक्सेना
नदी के स्रोत पर मछलियाँ नहीं होतीं
शंख–सीपी मूँगा-मोती कुछ नहीं होता नदी के स्रोत पर
गंध तक नहीं होती
सिर्फ़ होती है एक ताकत खी…
2 years, 5 months ago
Prem Ke Liye Faansi | Anamika
Episode 384
प्रेम के लिए फाँसी | अनामिका
मीरा रानी तुम तो फिर भी ख़ुशक़िस्मत थीं,
तुम्हें ज़हर का प्याला जिसने भी भेजा,
वह भाई तुम्हारा नहीं था
भाई भी भेज रहे हैं इ…
2 years, 5 months ago
Bhadka Rahe Hain Aag | Sahir Ludhianvi
Episode 383
भड़का रहे हैं आग | साहिर लुधियानवी
भड़का रहे हैं आग लब-ए-नग़्मागर से हम
ख़ामोश क्या रहेंगे ज़माने के डर से हम।
कुछ और बढ़ गए जो अँधेरे तो क्या हुआ
मायूस…
2 years, 5 months ago