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Saath Chalte Chalte Tum | Rashmi Pathak
Episode 437
साथ चलते चलते तुम | रश्मि पाठक
तुम बहुत आगे
निकल गए
जाने कितना समय
लगेगा तुम तक
पहुँचने में
सोचती थी कैसे कटेंगे
ये पल छिन
बीत गया एक
बर…
2 years, 3 months ago
Filhaal | Uday Prakash
Episode 433
फ़िलहाल | उदय प्रकाश
एक गत्ते का आदमी
बन गया था लौहपुरुष
बलात्कारी हो चुका था सन्त
व्यभिचारी विद्वान
चापलूस क्रान्तिकारी
मदारी को घोषित कर दिया गया था
युग-…
2 years, 3 months ago
Kavita Ke Liye | Snehmayi Chaudhary
Episode 432
कविता के लिए | स्नेहमयी चौधरी
कविता लिखने के लिए जो परेशान करते थे
उन सबको मैंने धीरे-धीरे अपने से काट दिया।
जैसे : ज़रा सी बात पर
बड़ी देर तक घुमड़ते…
2 years, 4 months ago
Jo Maar Kha Royi Nahin | Vishnu Khare
Episode 431
जो मार खा रोईं नहीं | विष्णु खरे
तिलक मार्ग थाने के सामने
जो बिजली का एक बड़ा बक्स है
उसके पीछे नाली पर बनी झु्ग्गी का वाक़या है यह
चालीस के क़रीब उम्र क…
2 years, 4 months ago
Kalpvriksha | Damodar Khadse
Episode 430
कल्पवृक्ष | दामोदर खड़से
कविता
भीतर से होते हुए
जब शब्दों में ढलती है
भीतरी ठिठुरन
ऊष्मा के स्पर्श से
प्राणवान हो उठती है
ज्यों थकी हुई प्रतीक्षा
बेबस प्य…
2 years, 4 months ago
Bhasha | Snehmayi Chaudhary
Episode 429
भाषा | स्नेहमयी चौधरी
यह नहीं कि
उसे कोई शिकायत नहीं,
लेकिन अब वह अपने पक्ष में
कोई तर्क न देगी,
न चाहेगी—
लगाए गए आरोपों का
कोई निराकरण।
यह नहीं कि
उ…
2 years, 4 months ago
Pura Parivaar Ek Kamre Mein | Laxmi Shankar Bajpai
Episode 428
पूरा परिवार एक कमरे में | लक्ष्मीशंकर वाजपेयी
पूरा परिवार, एक कमरे में
कितने संसार, एक कमरे में।
हो नहीं पाया बड़े सपनों का
छोटा आकार, एक कमरे में।
ज़िक्र…
2 years, 4 months ago
Main Buddh Nahi Banna Chahta | Shahanshah Alam
Episode 427
मैं बुद्ध नहीं बनना चाहता | शहंशा आलम
मैं बुद्ध नहीं बनना चाहता
तुम्हारे लिए
बुद्ध की मुस्कराहट
ज़रूर बनना चाहता हूँ
बुद्ध मर जाते हैं
जिस तरह पिता मर जात…
2 years, 4 months ago
Geet | Sheoraj Singh 'Bechain'
Episode 426
गीत | डॉ श्योराज सिंह 'बेचैन'
मज़दूर-किसानों के अधर यूँ ही कहेंगे।
हम एक थे, हम एक हैं, हम एक रहेंगे।।
मज़हब, धर्म के नाम पर लड़ना नहीं हमें।
फिर्को मे…
2 years, 4 months ago
Suraj | Akanksha Pandey
Episode 425
सूरज | आकांक्षा पांडे
तुम,
हां तुम्हीं
तुमसे कुछ बताना चाहती हूँ।
माना अनजान हूं
दिखती नादान हूं
कुछ ज्यादा कहने को नहीं है
कोई बड़ा फरमान नही है
बस इतना…
2 years, 4 months ago