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Ghar-Baar Chhorkar Sanyaas Nahin Lunga | Vinod Kumar Shukla
Episode 420
घर-बार छोड़कर संन्यास नहीं लूंगा | विनोद कुमार शुक्ल
घर-बार छोड़कर संन्यास नहीं लूंगा
अपने संन्यास में
मैं और भी घरेलू रहूंगा
घर में घरेलू
और पड़ोस में भ…
2 years, 2 months ago
Agnipath | Harivansh Rai Bachchan
Episode 419
अग्निपथ | हरिवंश राय बच्चन
वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत, माँग मत,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
तू न थकेगा कभी,
तू न र…
2 years, 2 months ago
Phagun Ka Geet | Kedarnath Singh
Episode 418
फ़ागुन का गीत | केदारनाथ सिंह
गीतों से भरे दिन फागुन के ये गाए जाने को जी करता!
ये बाँधे नहीं बँधते,
बाँहें रह जातीं खुली की खुली,
ये तोले नहीं तुलते, …
2 years, 2 months ago
Sach Hai Vipatti Jab Aati Hai | Ramdhari Singh 'Dinkar'
Episode 417
सच है, विपत्ति जब आती है | रामधारी सिंह दिनकर
सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को …
2 years, 2 months ago
Chithi Hai Kissi Dukhi Mann Ki | Kunwar Bechain
Episode 416
चिट्ठी है किसी दुखी मन की | कुँवर बेचैन
बर्तन की यह उठका-पटकी
यह बात-बात पर झल्लाना
चिट्ठी है किसी दुखी मन की।
यह थकी देह पर कर्मभार
इसको खाँसी, उसको ब…
2 years, 2 months ago
Need Ka Nirman | Harivansh Rai Bachchan
Episode 415
नीड़ का निर्माण | हरिवंश राइ बच्चन
नीड़ का निर्माण फिर-फिर,
नेह का आह्वान फिर-फिर!
वह उठी आँधी कि नभ में
छा गया सहसा अँधेरा,
धूलि धूसर बादलों ने
भूमि को इ…
2 years, 2 months ago
Gun Gaunga | Arun Kamal
Episode 414
गुन गाऊँगा | अरुण कमल
गुन गाऊँगा
फाग के फगुआ के चैत के पहले दिन के गुन गाऊँगा
गुड़ के लाल पुओं और चाशनी में इतराते मालपुओं के
गुन गाऊँगा
दही में तृप्त उड…
2 years, 2 months ago
Sahil Aur Samandar | Sarwar
Episode 413
साहिल और समंदर | सरवर
ऐ समंदर
क्यों इतना शोर करते हो
क्या कोई दर्द अंदर रखते हो
यूं हर बार साहिल से तुम्हारा टकराना
किसी के रोके जाने के खिलाफ तो नहीं…
2 years, 2 months ago
Furniture | Anamika
Episode 412
फ़र्नीचर | अनामिका
मैं उनको रोज़ झाड़ती हूँ
पर वे ही हैं इस पूरे घर में
जो मुझको कभी नहीं झाड़ते!
रात को जब सब सो जाते हैं—
अपने इन बरफाते पाँवों पर
आयोडिन…
2 years, 2 months ago
Dua | Manmeet Narang
Episode 411
दुआ | मनमीत नारंग
कतरनें प्यार की
जो फेंक दीं थी बेकार समझकर
चल चुनें तुम और मैं
हर टुकड़ा उस नेमत का
और बुनें एक रज़ाई
छुप जाएं सभी उसमें आज
तुम मेरे …
2 years, 2 months ago