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Kalpvriksha | Damodar Khadse
Episode 430
कल्पवृक्ष | दामोदर खड़से
कविता
भीतर से होते हुए
जब शब्दों में ढलती है
भीतरी ठिठुरन
ऊष्मा के स्पर्श से
प्राणवान हो उठती है
ज्यों थकी हुई प्रतीक्षा
बेबस प्य…
2 years, 1 month ago
Bhasha | Snehmayi Chaudhary
Episode 429
भाषा | स्नेहमयी चौधरी
यह नहीं कि
उसे कोई शिकायत नहीं,
लेकिन अब वह अपने पक्ष में
कोई तर्क न देगी,
न चाहेगी—
लगाए गए आरोपों का
कोई निराकरण।
यह नहीं कि
उ…
2 years, 2 months ago
Pura Parivaar Ek Kamre Mein | Laxmi Shankar Bajpai
Episode 428
पूरा परिवार एक कमरे में | लक्ष्मीशंकर वाजपेयी
पूरा परिवार, एक कमरे में
कितने संसार, एक कमरे में।
हो नहीं पाया बड़े सपनों का
छोटा आकार, एक कमरे में।
ज़िक्र…
2 years, 2 months ago
Main Buddh Nahi Banna Chahta | Shahanshah Alam
Episode 427
मैं बुद्ध नहीं बनना चाहता | शहंशा आलम
मैं बुद्ध नहीं बनना चाहता
तुम्हारे लिए
बुद्ध की मुस्कराहट
ज़रूर बनना चाहता हूँ
बुद्ध मर जाते हैं
जिस तरह पिता मर जात…
2 years, 2 months ago
Geet | Sheoraj Singh 'Bechain'
Episode 426
गीत | डॉ श्योराज सिंह 'बेचैन'
मज़दूर-किसानों के अधर यूँ ही कहेंगे।
हम एक थे, हम एक हैं, हम एक रहेंगे।।
मज़हब, धर्म के नाम पर लड़ना नहीं हमें।
फिर्को मे…
2 years, 2 months ago
Suraj | Akanksha Pandey
Episode 425
सूरज | आकांक्षा पांडे
तुम,
हां तुम्हीं
तुमसे कुछ बताना चाहती हूँ।
माना अनजान हूं
दिखती नादान हूं
कुछ ज्यादा कहने को नहीं है
कोई बड़ा फरमान नही है
बस इतना…
2 years, 2 months ago
Andhera Bhi Ek Darpan Hai | Anupam Singh
Episode 424
अँधेरा भी एक दर्पण है | अनुपम सिंह
अँधेरा भी एक दर्पण है
साफ़ दिखाई देती हैं सब छवियाँ
यहाँ काँटा तो गड़ता ही है
फूल भी भय देता है
कभी नहीं भूली अँधेरे …
2 years, 2 months ago
Tahniyan | Jaiprakash Kardam
Episode 423
टहनियाँ | जयप्रकाश कर्दम
काटा जाता है जब भी कोई पेड़
बेजान हो जाती हैं टहनियां बिना कटे ही
पेड़ है क्योंकि टहनियां हैं
टहनियां हैं क्योंकि पेड़ है
अर्थहीन…
2 years, 2 months ago
Ek Avishwasniya Sapna | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 422
एक अविश्वसनीय सपना - विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
एक दिन उसने सपना देखा
बिना वीसा बिना पासपोर्ट
सारी दुनिया में घूम रहा है वह
न कोई सरहद, न कोई चेकपोस्ट
समुद्रो…
2 years, 2 months ago
Rok Sako To Roko | Poonam Shukla
Episode 421
रोक सको तो रोको | पूनम शुक्ला
उछलेंगी ये लहरें
अपनी राह बना लेंगी
ये बल खाती सरिताएँ
अपनी इच्छाएँ पा लेंगी
रोको चाहे जितना भी
ये झरने शोर मचाएँगे
रोड़े कित…
2 years, 2 months ago