Podcast Episodes
Back to Search
Jagah | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 751
जगह | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
खड़े-खड़े मेरे पाँव दुखने लगे थे
थोड़ी-सी जगह चाहता था बैठने के लिए
कलि को मिल गया था
राजा परीक्षेत का मुकुट
मैं बिलबिलाता र…
1 year, 5 months ago
Gar Humne Dil Sanam Ko Diya | Nazeer Akbarabadi
Episode 750
गर हम ने दिल सनम को दिया | नज़ीर अकबराबादी
गर हम ने दिल सनम को दिया फिर किसी को क्या
इस्लाम छोड़ कुफ़्र लिया फिर किसी को क्या
क्या जाने किस के ग़म में ह…
1 year, 5 months ago
Jis Ka Koi Intezaar Na Kar Raha Ho | Afzal Ahmed Sayyid
Episode 749
जिस का कोई इंतिज़ार न कर रहा हो/ अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
जिस का कोई इंतिज़ार न कर रहा हो
उसे नहीं जाना चाहिए
वापस
आख़िरी दरवाज़ा बंद होने से पहले
जिस का कोई इं…
1 year, 5 months ago
Ek Lamhe Se Doosre Lamhe Tak | Shaharyar
Episode 748
एक लम्हे से दूसरे लम्हे तक | शहरयार
एक आहट अभी दरवाज़े पे लहराई थी
एक सरगोशी अभी कानों से टकराई थी
एक ख़ुश्बू ने अभी जिस्म को सहलाया था
एक साया अभी कमरे …
1 year, 5 months ago
Chidimaar Ne Chidiya Maari | Kedarnath Aggarwal
Episode 747
चिड़ीमार ने चिड़िया मारी | केदारनाथ अग्रवाल
हे मेरी तुम!
चिड़ीमार ने चिड़िया मारी;
नन्नी-मुन्नी तड़प गई
प्यारी बेचारी।
हे मेरी तुम!
सहम गई पौधों की सेना,
प…
1 year, 5 months ago
Gharaunde | Avtar Engel
Episode 746
घरौंदे | अवतार एनगिल
सागर किनारे
खेलते दो बच्चों ने
मिलकर घरौंदे बनाए
देखते-देखते
लहरों के थपेड़े आए
उनके घर गिराए
और
भागकर सागर में जा छिपे
माना, कि सदैव ऎसा…
1 year, 5 months ago
Gaveshna | Aakash
Episode 745
गवेषणा | आकाश
इस नुमाइश मे ईश्वर खोज रहा हूँ,
बच्चों की मानिंद बौराया हुआ,
इस दुकान से उस दुकान,
उथली रौशनी की परिधि के भीतर,
चमकीली भीड़ में घिरे,
जहाँ क…
1 year, 5 months ago
Char Aur Panktiyan | Prabhakar Machve
Episode 744
चार और पंक्तियाँ | प्रभाकर माचवे
जब दिल ने दिल को जान लिया
जब अपना-सा सब मान लिया
तब ग़ैर-बिराना कौन बचा
यदि बचा सिर्फ़ तो मौन बचा
1 year, 5 months ago
Naavein | Naresh Saxena
Episode 743
नावें | नरेश सक्सेना
नावों ने खिलाए हैं फूल मटमैले
क्या उन्हें याद है कि वे कभी पेड़ बनकर उगी थीं
नावें पार उतारती हैं
ख़ुद नहीं उतरतीं पार
नावें धार के…
1 year, 6 months ago
Sundariyon | Nilesh Raghuvanshi
Episode 742
सुंदरियों | नीलेश रघुवंशी
मत आया करो तुम सम्मान समारोहों में
तश्तरी, शाल और श्रीफल लेकर
दीप प्रज्वलन के समय
मत खड़ी रहा करो माचिस और दीया -बाती के संग
म…
1 year, 6 months ago