Podcast Episodes
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Tabdili | Akhtarul Iman
Episode 674
तब्दीली | अख़्तरुल ईमान
इस भरे शहर में कोई ऐसा नहीं
जो मुझे राह चलते को पहचान ले
और आवाज़ दे ओ बे ओ सर-फिरे
दोनों इक दूसरे से लिपट कर वहीं
गिर्द-ओ-पेश और …
1 year, 6 months ago
Meera Majumdar Ka Kehna Hai | Kumar Vikal
Episode 673
मीरा मजूमदार का कहना है | कुमार विकल
सामने क्वार्टरों में जो एक बत्ती टिमटिमाती है
वह मेरा घर है
इस समय रात के बारह बज चुके हैं
मैं मीरा मजूमदार के साथ
मा…
1 year, 6 months ago
Ek Samay Tha | Raghuvir Sahay
Episode 672
एक समय था- रघुवीर सहाय
एक समय था मैं बताता था कितना
नष्ट हो गया है अब मेरा पूरा समाज
तब मुझे ज्ञात था कि लोग अभी व्यग्न हैं
बनाने को फिर अपना परसों कल और…
1 year, 6 months ago
Desh Ho Tum | Arunabh Saurabh
Episode 645
देश हो तुम | अरुणाभ सौरभ
में तुम्हारी कोख से नहीं
तुम्हारी देह के मैल से
उत्पन्न हुआ हूँ
भारतमाता
विघ्नहरत्ता नहीं बना सकती माँ तुम
पर इतनी शक्ति दो कि
भय-…
1 year, 6 months ago
Hum Milte Hain Bina Mile Hi | Kedarnath Aggarwal
Episode 671
हम मिलते हैं बिना मिले ही | केदारनाथ अग्रवाल
हे मेरी तुम!
हम मिलते हैं
बिना मिले ही
मिलने के एहसास में
जैसे दुख के भीतर
सुख की दबी याद में।
हे मेरी तुम!
हम…
1 year, 6 months ago
Kam Se Kam Ek Darwaza | Sudha Arora
Episode 670
कम से कम एक दरवाज़ा | सुधा अरोड़ा
चाहे नक़्क़ाशीदार एंटीक दरवाज़ा हो
या लकड़ी के चिरे हुए फट्टों से बना
उस पर खूबसूरत हैंडल जड़ा हो
या लोहे का कुंडा
वह द…
1 year, 6 months ago
Suno Kabir | Nasira Sharma
Episode 669
सुनो कबीर ! | नासिरा शर्मा
सुनो कबीर,
चलो मेरे साथ
वहाँ जहाँ तुम्हारी प्रताड़ना के बावजूद
डूब रहे हैं दोनों पक्ष
ज़रूरत है उन्हें तुम्हारी फटकार की
वह न…
1 year, 6 months ago
Suryasth Ke Aasmaan | Alok Dhanwa
Episode 668
सूर्यास्त के आसमान | आलोक धन्वा
उतने सूर्यास्त के उतने आसमान
उनके उतने रंग
लम्बी सडकों पर शाम
धीरे बहुत धीरे छा रही शाम
होटलों के आसपास
खिली हुई रौशनी
लोगों…
1 year, 6 months ago
Pehle Bachhe Ke Janam Se Pehle
Episode 667
पहले बच्चे के जन्म से पहले | नरेश सक्सेना
साँप के मुँह में दो ज़ुबानें होती हैं।
मेरे मुँह में कितनी हैं
अपने बच्चे को दुआ किस ज़ुबान से दूँगा
खून सनी उँ…
1 year, 6 months ago
Is Samay | Nilesh Raghuvanshi
Episode 666
इस समय | नीलेश रघुवंशी
एक कोने में बिल्ली अपने बच्चों को दूध पिला रही है।
छोटे-छोटे बच्चे और बिल्ली इतने सटे हुए हैं आपस में
मुश्किल है उन्हें गिननाq
एक …
1 year, 6 months ago