Podcast Episodes
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Ek Dua | Kaifi Azmi
Episode 655
एक दुआ | कैफ़ी आज़मी
अब और क्या तेरा बीमार बाप देगा तुझे
बस एक दुआ कि ख़ुदा तुझको कामयाब करे
वो टाँक दे तेरे आँचल में चाँद और तारे
तू अपने वास्ते जिस को…
1 year, 6 months ago
Ghat ti Hui Oxygen | Manglesh Dabral
Episode 654
घटती हुई ऑक्सीजन | मंगलेश डबराल
अकसर पढ़ने में आता है
दुनिया में ऑक्सीजन कम हो रही है।
कभी ऐन सामने दिखाई दे जाता है कि वह कितनी तेज़ी से घट रही है
रास्त…
1 year, 6 months ago
Hum Auratein | Viren Dangwal
Episode 653
हम औरतें | वीरेन डंगवाल
रक्त से भरा तसला है
रिसता हुआ घर के कोने-अंतरों में
हम हैं सूजे हुए पपोटे
प्यार किए जाने की अभिलाषा
सब्जी काटते हुए भी
पार्क में अप…
1 year, 6 months ago
Naagrik Parabhav | Kumar Ambuj
Episode 652
नागरिक पराभव | कुमार अम्बुज
बहुत पहले से प्रारंभ करूँ तो
उससे डरता हूँ जो अत्यंत विनम्र है
कोई भी घटना जिसे क्रोधित नहीं करती
बात-बात में ईश्वर को याद कर…
1 year, 6 months ago
Karun Prem Khud Se | Shivani Sharma
Episode 651
करूँ प्रेम ख़ुद से | शिवानी शर्मा
किसी के लिए हूँ मैं ममता की मूरत, किसी के लिए अब भी छोटी सी बेटी ll
तजुर्बों ने किया संजीदा मुझको , पर किसी के लिए अ…
1 year, 6 months ago
Do Minute Ka Maun | Kedarnath Singh
Episode 649
दो मिनट का मौन | केदारनाथ सिंह
भाइयो और बहनों
यह दिन डूब रहा है।
इस डूबते हुए दिन पर
दो मिनट का मौन
जाते हुए पक्षी पर
रुके हुए जल पर
घिरती हुई रात पर
दो मि…
1 year, 6 months ago
Bechain Baharon Me Kya Kya Hai | Qateel
Episode 648
बेचैन बहारों में क्या-क्या है / क़तील
बेचैन बहारों में क्या-क्या है जान की ख़ुश्बू आती है
जो फूल महकता है उससे तूफ़ान की ख़ुश्बू आती है
कल रात दिखा के ख…
1 year, 6 months ago
Daud | Ramdarash Mishra
Episode 647
दौड़ | रामदरश मिश्र
वह आगे-आगे था
मैं उसके पीछे-पीछे
मेरे पीछे अनेक लोग थे
हाँ, यह दौड़-प्रतिस्पर्धा थी
लक्ष्य से कुछ ही दूर पहले
एकाएक उसकी चाल धीमी पड़ ग…
1 year, 7 months ago
Jaise Jab Se Tara Dekha | Agyeya
Episode 646
जैसे जब से तारा देखा | अज्ञेय
क्या दिया-लिया?
जैसे
जब तारा देखा
सद्यःउदित
—शुक्र, स्वाति, लुब्धक—
कभी क्षण-भर
यह बिसर गया
मैं मिट्टी हूँ;
जब से प्यार किया,
जब…
1 year, 7 months ago
Saal Mubarak | Asheesh Pandya
Episode 650
साल मुबारक! | आशीष पण्ड्या
साल मुबारक!
भगवा हो या लाल, मुबारक!
साल मुबारक!
आज नया कल हुआ पुराना,
टिक टिक करता काल मुबारक!
पैसे की भूखी दुनिया को,
थाल में र…
1 year, 7 months ago