Podcast Episodes
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Onth | Ashok Vajpeyi
Episode 633
ओंठ | अशोक वाजपेयी
तराशने में लगा होगा एक जन्मांतर
पर अभी-अभी उगी पत्तियों की तरह ताज़े हैं।
उन पर आयु की झीनी ओस हमेशा नम है
उसी रास्ते आती है हँसी
मुस्क…
1 year, 7 months ago
Saundarya Ka Aashcharyalok | Savita Singh
Episode 632
सौंदर्य का आश्चर्यलोक | सविता सिंह
बचपन में घंटों माँ को निहारा करती थी
मुझे वह बेहद सुंदर लगती थी
उसके हाथ कोमल गुलाबी फूलों की तरह थे
पाँव ख़रगोश के पा…
1 year, 7 months ago
Sankat | Madan Kashyap
Episode 631
संकट | मदन कश्यप
अक्सर ताला उसकी ज़ुबान पर लगा होता है
जो बहुत ज़्यादा सोचता है
जो बहुत बोलता है
उसके दिमाग पर ताला लगा होता है
संकट तब बढ़ जाता है
जब च…
1 year, 7 months ago
Hum Nadi Ke Saath Saath | Agyeya
Episode 630
हम नदी के साथ-साथ | अज्ञेय
हम नदी के साथ-साथ
सागर की ओर गए
पर नदी सागर में मिली
हम छोर रहे:
नारियल के खड़े तने हमें
लहरों से अलगाते रहे
बालू के ढूहों से जहा…
1 year, 7 months ago
Sui | Ramdarash Mishra
Episode 629
सूई | रामदरश मिश्रा
अभी-अभी लौटी हूँ अपनी जगह पर
परिवार के एक पाँव में चुभा हुआ काँटा निकालकर
फिर खोंस दी गयी हूँ
धागे की रील में
जहाँ पड़ी रहूंगी चुपचाप…
1 year, 7 months ago
Daraar mein Ugaa Peepal | Arvind Awasthi
Episode 628
दरार में उगा पीपल | अरविन्द अवस्थी
ज़मीन से बीस फीट ऊपर
किले की दीवार की
दरार में उगा पीपल
महत्वकांक्षा की डोर पकड़
लगा है कोशिश में
ऊपर और ऊपर जाने की
जीने…
1 year, 7 months ago
Kya Karun Kora Hi Chhor Jaun Kaagaz? | Anup Sethi
Episode 627
क्या करूँ कोरा ही छोड़ जाऊँ काग़ज़? | अनूप सेठी
क से लिखता हूँ कव्वा कर्कश
क से कपोत छूट जाता है पंख फड़फड़ाता हुआ
लिखना चाहता हूँ कला
कल बनकर उत्पादन कर…
1 year, 7 months ago
Itna Mat Door Raho Gandh Kahin Kho Jaye | Girija Kumar Mathur
Episode 626
इतना मत दूर रहो गन्ध कहीं खो जाए | गिरिजाकुमार माथुर
इतना मत दूर रहो
गन्ध कहीं खो जाए
आने दो आँच
रोशनी न मन्द हो जाए
देखा तुमको मैंने कितने जन्मों के बाद
च…
1 year, 7 months ago
Mit Mit Kar Main Seekh Raha Hun | Kedarnath Agarwal
Episode 625
मिट मिट कर मैं सीख रहा हूँ | केदारनाथ अग्रवाल
दूर कटा कवि
मैं जनता का,
कच-कच करता
कचर रहा हूँ अपनी माटी;
मिट-मिट कर
मैं सीख रहा हूँ
प्रतिपल जीने की परिपाटी…
1 year, 7 months ago
Isliye To Tum Pahad Ho | Rajesh Joshi
Episode 624
इसीलिए तो तुम पहाड़ हो | राजेश जोशी
शिवालिक की पहाड़ियों पर चढ़ते हुए हाँफ जाता हूँ
साँस के सन्तुलित होने तक पौड़ियों पर कई-कई बार रुकता हूँ
आने को तो…
1 year, 7 months ago