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Manikarnika Ka Bashinda | Gyanendrapati
Episode 732
मणिकर्णिका का बाशिंदा | ज्ञानेन्द्रपति
साढ़े तीन टाँगों वाला एक कुत्ता
मणिकर्णिका का स्थायी बाशिंदा है
लकड़ी की टालों और चायथानों वालों से हिलगा
यह नहीं…
1 year, 6 months ago
Ek Aur Akaal | Kedarnath Singh
Episode 731
एक और अकाल | केदारनाथ सिंह
सभाकक्ष में
जगह नहीं थी
तो मैंने कहा कोई बात नहीं
सड़क तो है
चल तो सकता हूँ
सो, मैंने चलना शुरू किया
चलते-चलते एक दिन
अचानक मैंने…
1 year, 6 months ago
Lakkadhare Ki Peeth | Anuj Lugun
Episode 730
लकड़हारे की पीठ | अनुज लुगुन
जलती हुई लकड़ियों का
गट्ठर है मेरी पीठ पर
और तुम
मुझे बाँहों में भरना चाहती हो
मैं कहता हूँ—
तुम भी झुलस जाओगी
मेरी देह के साथ।
1 year, 6 months ago
Mitr | Ashwini
Episode 729
मित्र | अश्विनी
लक्ष्य को सदा चेताए,
तेरी त्रुटि कभी न छुपाए,
तेरा क्रोध भी सह जाए,
जो भटकने न दे मार्ग से, वह मित्र है ।
मित्र का हृदय निर्मल, विशाल,…
1 year, 6 months ago
Suno Sitaron! | Nasira Sharma
Episode 728
सुनो सितारों! | नासिरा शर्मा
कहाँ गुम हो जाते हो तुम रात आते ही
जाते हो शराबख़ाने या फिर
थके हारे मज़दूर की तरह
पड़ जाते हो बेसुध चादर ओढ़ तुम!
मच्छर लाख…
1 year, 6 months ago
Beej Pakhi | Hemant Deolekar
Episode 727
बीज पाखी | हेमंत देवलेकर
यह कितना रोमांचक दृश्य है:
किसी एकवचन को बहुवचन में देखना
पेड़ पैराशुट पहनकर उत्तर रहा है।
वह सिर्फ़ उतर नहीं रहा
बिखर भी रहा है…
1 year, 6 months ago
Sapne Nahin Hain To | Nandkishore Acharya
Episode 726
सपने नहीं हैं तो | नंदकिशोर आचार्य
नहीं देखे
किसी और के सपने मेरे सिवा
फिर भी वह नहीं था मैं
जिस के सपने देखती थीं तुम
क्यों कि मेरे भी तो थे सपने कुछ
नह…
1 year, 6 months ago
Hum Adharon Adharon Bikhrenge | Seema Aggarwal
Episode 725
हम अधरों-अधरों बिखरेंगे | सीमा अग्रवाल
तुम पन्नों पर सजे रहो
हम अधरों-अधरों
बिखरेंगे
तुम बन ठन कर
घर में बैठो
हम सड़कों से बात करें
तुम मुट्ठी में
कसे रहो ह…
1 year, 6 months ago
Ramdas | Raghuvir Sahay
Episode 724
रामदास | रघुवीर सहाय
चौड़ी सड़क गली पतली थी
दिन का समय घनी बदली थी
रामदास उस दिन उदास था
अंत समय आ गया पास था
उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी
धीरे-ध…
1 year, 6 months ago
Dopahar Ki Kahaniyon Ke Mama | Rajesh Joshi
Episode 723
दोपहर की कहानियों के मामा | राजेश जोशी
हम उन नटखट बच्चियों के मामा थे
जो अकसर दोपहर में अपनी नानियों से कहानी सुनने की ज़िद करती थी
हम हमेशा ही घर लौटन…
1 year, 6 months ago