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Bolne Mein Kam Se Kam Bolun | Vinod Kumar Shukla
Episode 897
बोलने में कम से कम बोलूँ | विनोद कुमार शुक्ल
बोलने में कम से कम बोलूँ
कभी बोलूँ, अधिकतम न बोलूँ
इतना कम कि किसी दिन एक बात
बार-बार बोलूँ
जैसे कोयल की बार-…
1 year ago
Ghar Ki Ore | Naresh Mehta
Episode 896
घर की ओर | नरेश मेहता
वह-
जिसकी पीठ हमारी ओर है
अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है
जाने दो उसे
अपने घर।
हमारी ओर उसकी पीठ-
ठीक ही तो है
मुँह यदि होता
तो भी, ह…
1 year ago
Gaza Mein Ramzaan | Shahanshah Alam
Episode 895
ग़ज़ा में रमज़ान | शहंशाह आलम
ग़ज़ा में रमज़ान का चाँद निकला है
यह चाँद कितने चक्कर के बाद
बला का ख़ूबसूरत दिखाई देता है
किसी खगोल विज्ञानी को मालूम होगा…
1 year ago
Bahut Dinon Se | Muktibodh
Episode 894
बहुत दिनों से | गजानन माधव मुक्तिबोध
मैं बहुत दिनों से बहुत दिनों से
बहुत-बहुत सी बातें तुमसे चाह रहा था कहना
और कि साथ यों साथ-साथ
फिर बहना बहना बहना
मेघ…
1 year ago
Safar Mein Dhoop To Hogi | Nida Fazli
Episode 893
सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो | निदा फ़ाज़ली
सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें …
1 year ago
Preeti-Bhaint | Shrikant Verma
Episode 892
प्रीति-भेंट | श्रीकांत वर्मा
इतने दिनों के बाद अकस्मात मिले तो आँसुओं ने उसके उसे, मेरे मुझे
भरमा दिया,
आँसू जब थमे तो मैं कुछ और था, वह कुछ और-
वह मेरी …
1 year, 1 month ago
Havan | Shrikant Verma
Episode 891
हवन | श्रीकांत वर्मा
चाहता तो बच सकता था
मगर कैसे बच सकता था
जो बचेगा
कैसे रचेगा
पहले मैं झुलसा
फिर धधका
चिटखने लगा
कराह सकता था
मगर कैसे कराह सकता था
जो कराहे…
1 year, 1 month ago
Tumse Milne Par | Sunil Gangopadhyay
Episode 890
तुमसे मिलने पर | सुनील गंगोपाध्याय
अनुवाद : रोहित प्रसाद पथिक
तुमसे मिलने पर
मैं पूछता हूँ :
तुम मनुष्य से प्रेम नहीं करते हो,
पर देश से क्यों प्रेम करते …
1 year, 1 month ago
Amramanjariyon Ki Gandh | Gyanendrapati
Episode 889
आम्र-मंजरियों की गंध | ज्ञानेन्द्रपति
आम्र-मंजरियों की गंध
बसी रही मेरे घर में तुम्हारे जाने के बाद
पिछली बार
अबके तो
तुम्हारे जाने के बाद
आम्र-मंजरियों क…
1 year, 1 month ago
Nahi Dikhegi Ma | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 888
नहीं दिखेगी माँ | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
नहीं दिखेगी माँ
फिर कभी इस रूप में
भोर होगा भिनुसार
चिरैया एक बोलेगी
तिलक चढ़ेगा यज्ञोपवीत
होगा कन्यादान
बस माँ नह…
1 year, 1 month ago