Podcast Episodes
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Baat Karni Mujhe Mushkil | Bahadur Shah Zafar
Episode 951
बात करनी मुझे मुश्किल । बहादुर शाह ज़फ़र
बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी
जैसी अब है तिरी महफ़िल कभी ऐसी तो न थी
ले गया छीन के कौन आज तिरा सब्र ओ क…
8 months, 4 weeks ago
Bahut Door Ka Ek Gaon | Dheeraj
Episode 950
बहुत दूर का एक गाँव | धीरज
कोई भी बहुत दूर का एक गाँव
एक भूरा पहाड़
बच्चा भूरा और बूढ़ा पहाड़
साँझ को लौटती भेड़
और दूर से लौटती शाम
रात से पहले का नीला …
8 months, 4 weeks ago
Suwar Ke Chaune | Anupam Singh
Episode 949
सूअर के छौने । अनुपम सिंह
बच्चे चुरा आए हैं अपना बस्ता
मन ही मन छुट्टी कर लिये हैं
आज नहीं जाएँगे स्कूल
झूठ-मूठ का बस्ता खोजते बच्चे
मन ही मन नवजात ब…
8 months, 4 weeks ago
Ma Nahin Thi Wah | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 948
माँ नहीं थी वह । विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
माँ नहीं थी वह
आँगन थी
द्वार थी
किवाड़ थी,
चूल्हा थी
आग थी
नल की धार थी।
9 months ago
Ulahna | Agyeya
Episode 947
उलाहना।अज्ञेय
नहीं, नहीं, नहीं!
मैंने तुम्हें आँखों की ओट किया
पर क्या भुलाने को?
मैंने अपने दर्द को सहलाया
पर क्या उसे सुलाने को?
मेरा हर मर्माहत उलाहना
सा…
9 months ago
Pansokha Hai Indradhanush | Madan Kashyap
Episode 946
पनसोखा है इन्द्रधनुष - मदन कश्यप
पनसोखा है इन्द्रधनुष
आसमान के नीले टाट पर मखमली पैबन्द की तरह फैला है।
कहीं यह तुम्हारा वही सतरंगा दुपट्टा तो नहीं
जो…
9 months ago
Buddhu | Shankh Ghosh
Episode 945
बुद्धू।शंख घोष
मूल बंगला से अनुवाद : प्रयाग शुक्ल
कोई हो जाये यदि बुद्धू अकस्मात, यह तो
वह जान नहीं पाएगा खुद से। जान यदि पाता यह
फिर तो वह कहलाता बुद्धि…
9 months ago
Meri Khata | Amrita Pritam
Episode 944
मेरी ख़ता । अमृता प्रीतम
अनुवाद : अमिया कुँवर
जाने किन रास्तों से होती
और कब की चली
मैं उन रास्तों पर पहुँची
जहाँ फूलों लदे पेड़ थे
और इतनी महक थी—
कि साँसो…
9 months ago
Purani Baatein | Shraddha Upadhyay
Episode 943
पुरानी बातें | श्रद्धा उपाध्याय
पहले सिर्फ़ पुरानी बातें पुरानी लगती थीं
अब नई बातें भी पुरानी हो गई हैं
मैंने सिरके में डाल दिए हैं कॉलेज के कई दिन
…
9 months ago
Khali Makaan | Mohammad Alvi
Episode 942
ख़ाली मकान।मोहम्मद अल्वी
जाले तने हुए हैं घर में कोई नहीं
''कोई नहीं'' इक इक कोना चिल्लाता है
दीवारें उठ कर कहती हैं ''कोई नहीं''
''कोई नहीं'' दरवाज़ा शो…
9 months ago