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Thakur Ka Kuan | Omprakash Valmiki
Episode 961
ठाकुर का कुआँ। ओमप्रकाश वाल्मीकि
चूल्हा मिट्टी का
मिट्टी तालाब की
तालाब ठाकुर का।
भूख रोटी की
रोटी बाजरे की
बाजरा खेत का
खेत ठाकुर का।
बैल ठाकुर का
हल ठाकुर क…
8 months, 2 weeks ago
Surya Aur Sapne | Champa Vaid
Episode 960
सूर्य और सपने।चंपा वैद
सूर्य अस्त हो रहा है
पहली बार
इस मंज़िल पर
खड़ी वह देखती है
बादलों को
जो टकटकी लगा
देखते हैं
सूर्य के गोले को
यह गोला आग
लगा जाता है उसक…
8 months, 2 weeks ago
Kya Hum Sab Kuch Jaante Hain? | Kunwar Narayan
Episode 959
क्या हम सब कुछ जानते हैं । कुँवर नारायण
क्या हम सब कुछ जानते हैं
एक-दूसरे के बारे में
क्या कुछ भी छिपा नहीं होता हमारे बीच
कुछ घृणित या मूल्यवान
जिन्हें श…
8 months, 2 weeks ago
Nishabd Bhasha Mein | Navin Sagar
Episode 958
निःशब्द भाषा में। नवीन सागर
कुछ न कुछ चाहता है बच्चा
बनाना
एक शब्द बनाना चाहता है बच्चा
नया
शब्द वह बना रहा होता है कि
उसके शब्द को हिला देती है भाषा
बच्चा …
8 months, 3 weeks ago
Bechain Cheel | Muktibodh
Episode 957
बेचैन चील। गजानन माधव मुक्तिबोध
बेचैन चील!!
उस-जैसा मैं पर्यटनशील
प्यासा-प्यासा,
देखता रहूँगा एक दमकती हुई झील
या पानी का कोरा झाँसा
जिसकी सफ़ेद चिलचिलाहट…
8 months, 3 weeks ago
Matlab Hai | Parag Pawan
Episode 956
मतलब है | पराग पावन
मतलब है
सब कुछ पा लेने की लहुलुहान कोशिशों का
थकी हुई प्रतिभाओं और उपलब्धियों के लिए
तुम्हारी उदासीनता का गहरा मतलब है
जिस पृथ्वी …
8 months, 3 weeks ago
Lai Taal | Kailash Vajpeyi
Episode 955
लयताल।कैलाश वाजपेयी
कुछ मत चाहो
दर्द बढ़ेगा
ऊबो और उदास रहो।
आगे पीछे
एक अनिश्चय
एक अनीहा, एक वहम
टूट बिखरने वाले मन के
लिए व्यर्थ है कोई क्रम
चक्राकार अंगार …
8 months, 3 weeks ago
Kalkatta Ke Ek Tram Mein Madhubani Painting | Gyanendrapati
Episode 954
कलकत्ता के एक ट्राम में मधुबनी पेंटिंग।ज्ञानेन्द्रपति
अपनी कटोरियों के रंग उँड़ेलते
शहर आए हैं ये गाँव के फूल
धीर पदों से शहर आई है
सुदूर मिथिला की सिया …
8 months, 3 weeks ago
Ghar Mein Waapsi | Dhoomil
Episode 953
घर में वापसी । धूमिल
मेरे घर में पाँच जोड़ी आँखें हैं
माँ की आँखें पड़ाव से पहले ही
तीर्थ-यात्रा की बस के
दो पंचर पहिए हैं।
पिता की आँखें—
लोहसाँय की ठंडी …
8 months, 3 weeks ago
Ramz | Jaun Elia
Episode 952
रम्ज़ । जौन एलिया
तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे
मेरी तन्हाई में ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहीं
मेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हें
मेरे कमरे में क…
8 months, 3 weeks ago