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Andhere Ke Din | Laxmishankar Vajpeyi
Episode 981
अँधेरे के दिन । लक्ष्मीशंकर वाजपेयी
बदल गए हैं अँधेरों के दिन
अब वे नहीं निकलते
सहमे, ठिठके, चुपके-चुपके रात के वक्त
वे दिन-दहाड़े घूमते हैं बस्ती में
सीन…
7 months, 4 weeks ago
Koi Ummeed Bar Nahi Aati | Mirza Ghalib
Episode 980
कोई उम्मीद बर नहीं आती। मिर्ज़ा ग़ालिब
कोई उम्मीद बर नहीं आती
कोई सूरत नज़र नहीं आती
मौत का एक दिन मुअ'य्यन है
नींद क्यूँ रात भर नहीं आती
आगे आती थी हाल-ए…
7 months, 4 weeks ago
Ityaadi | Rajesh Joshi
Episode 979
इत्यादि - राजेश जोशी
कुछ लोगों के नामो का उल्लेख किया गया था जिनके ओहदे थे
बाकी सब इत्यादि थे
इत्यादि तादात में हमेशा ही ज़्यादा होते थे
इत्यादि भाव ताव …
7 months, 4 weeks ago
Baat Ki Baat | Shivmangal Singh Suman
Episode 978
बात की बात । शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
इस जीवन में बैठे ठाले ऐसे भी क्षण आ जाते हैं
जब हम अपने से ही अपनी बीती कहने लग जाते हैं।
तन खोया-खोया-सा लगता मन उर्वर…
8 months ago
Bhookhmari Ki Zad Mein Hai... | Adam Gondvi
Episode 977
भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है। अदम गोंडवी
भुखमरी की ज़द में है या दार के साये में है
अहले हिंदुस्तान अब तलवार के साये में है
छा गई है ज़ेहन…
8 months ago
Sabse Acchi Kavita | Vishnu Nagar
Episode 976
विष्णु नागर । सबसे अच्छी कविता
सबसे अच्छी कविता
इतनी विनम्र होगी कि अविश्वसनीय लगेगी
इतनी प्राकृतिक होगी कि हिन्दी लगेगी
इतने दुखों में काम आएगी
कि लिख…
8 months ago
Main Phool | Gopaldas Neeraj
Episode 975
मैं फूल । गोपालदास "नीरज"
निर्जन की नीरव डाली का मैं फूल !
कल अधरों में
मुस्कान लिए आया था,
मन में अगणित
अरमान लिए आया था,
पर आज झर गया
खिलने से पहले ही,
साथ…
8 months ago
Tanhai | Shahryar
Episode 974
तन्हाई । शहरयार
अँधेरी रात की इस रहगुज़र पर
हमारे साथ कोई और भी था
उफ़ुक़* (क्षितिज) की सम्त* (दिशा) वो भी तक रहा था
उसे भी कुछ दिखाई दे रहा था
उसे भी कुछ…
8 months ago
Shabd Aur Arth Ek Beech | Gayatribala Panda
Episode 973
शब्द और अर्थ के बीच। गायत्रीबाला पंडा
शब्द और अर्थ के बीच
एक नारी ही बदल जाती है
लंबे इंतज़ार में।
ख़ुद को कोड़ती है
बीज बोती है
अनाज उपजाती है
धरती को सदाब…
8 months ago
Ankhein Dekhkar | Gorakh Pandey
Episode 972
आँखें देखकर । गोरख पांडेय
ये आँखें हैं तुम्हारी
तकलीफ़ का उमड़ता हुआ समुंदर
इस दुनिया को
जितनी जल्दी हो
बदल देना चाहिए।
8 months, 1 week ago