Podcast Episodes
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Jeb Mein Sirf Do Rupaye | Kumar Ambuj
Episode 931
जेब में सिर्फ़ दो रुपये - कुमार अम्बुज
घर से दूर निकल आने के बाद
अचानक आया याद
कि जेब में हैं सिर्फ दो रुपये
सिर्फ़ दो रुपये होने की असहायता ने घेर …
9 months, 2 weeks ago
18 Number Bench Par | Doodhnath Singh
Episode 930
18 नम्बर बेंच पर। दूधनाथ सिंह
18 नम्बर बेंच पर कोई निशान नहीं
चारों ओर घासफूस –- जंगली हरियाली
कीड़े-मकोड़े मच्छर अँधेरा
वर्षा से धुली हरी-चिकनी काई क…
9 months, 2 weeks ago
Nanhi Pujaran | Asrar-Ul-Haq-Majaz
Episode 929
नन्ही पुजारन।असरार-उल-हक़ मजाज़
इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन
पतली बाँहें पतली गर्दन
भोर भए मंदिर आई है
आई नहीं है माँ लाई है
वक़्त से पहले जाग उठी है
नींद अभी…
9 months, 2 weeks ago
Mujhe Sneh Kya Mil Na Sakega? | Suryakant Tripathi Nirala
Episode 928
मुझे स्नेह क्या मिल न सकेगा?। सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
मुझे स्नेह क्या मिल न सकेगा?
स्तब्ध, दग्ध मेरे मरु का तरु
क्या करुणाकर खिल न सकेगा?
जग के दूषित…
9 months, 2 weeks ago
Shuddhikaran | Hemant Deolekar
Episode 927
शुद्धिकरण | हेमंत देवलेकर
इतनी बेरहमी से निकाले जा रहे
छिलके पानी के
कि ख़ून निकल आया पानी का
उसकी आत्मा तक को छील डाला रंदे से
यह पानी को छानने का नहीं
उ…
9 months, 3 weeks ago
Prem Aur Ghruna | Natasha
Episode 926
प्रेम और घृणा | नताशा
तुम भेजना प्रेम
बार-बार भेजना
भले ही मैं वापस कर दूँ
लौटेगा प्रेम ही तुम्हारे पास
पर मत भेजना कभी घृणा
घृणा बंद कर देती है दरवाज़े
अँध…
9 months, 3 weeks ago
Antardwand | Alain Bosquet | Translation - Dharamvir Bharti
Episode 925
अंतर्द्वंद | आलेन बास्केट
अनुवाद : धर्मवीर भारती
मेरा बायाँ हाथ मुझे प्राणदंड देता है
मेरा दायाँ हाथ मेरी रक्षा करता है
मेरी आँखें मुझे निर्वासन देती हैं…
9 months, 3 weeks ago
Jahaz Ka Panchhi | Krishna Mohan Jha
Episode 924
जहाज़ का पंछी | कृष्णमोहन झा
जैसे जहाज़ का पंछी
अनंत से हारकर
फिर लौट आता है जहाज़ पर
इस जीवन के विषन्न पठार पर भटकता हुआ मैं
फिर तुम्हारे पास लौट आया हूँ…
9 months, 3 weeks ago
Pyar Ke Bahut Chehre Hain | Navin Sagar
Episode 923
प्यार के बहुत चेहरे हैं / नवीन सागर
मैं उसे प्यार करता
यदि वह
ख़ुद वह होती
मैं अपना हृदय खोल देता
यदि वह
अपने भीतर खुल जाती
मैं उसे छूता
यदि वह देह होती
और मे…
9 months, 3 weeks ago
Kai Aankhon Ki Hairat They Nahi Hain | Aks Samastipuri
Episode 922
कई आँखों की हैरत थे नहीं हैं | अक्स समस्तीपुरी
कई आँखों की हैरत थे नहीं हैं
नये मंज़र की सूरत थे नहीं हैं
बिछड़ने पर तमाशा क्यों बनाएँ
तुम्हारी हम ज़रूर…
9 months, 3 weeks ago