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Main Dhoondhta Hun Jisey | Kaifi Azmi
Episode 1211
मैं ढूँडता हूँ जिसे । कैफ़ी आज़मी
मैं ढूँडता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता
नई ज़मीन नया आसमाँ नहीं मिलता
नई ज़मीन नया आसमाँ भी मिल जाए
नए बशर का कहीं कुछ …
2 months, 1 week ago
Mujhko Tera Shabab Le Baitha | Shiv Kumar Batalvi
Episode 1210
मुझ को तेरा शबाब ले बैठा। शिव कुमार बटालवी
अनुवाद: आकाश 'अर्श'
मुझ को तेरा शबाब ले बैठा
रंग, गोरा गुलाब ले बैठा
दिल का डर था कहीं न ले बैठे
ले ही बैठा जना…
2 months, 1 week ago
Janamdin | Baby Shaw
Episode 1209
जन्मदिन । बेबी शॉ
तुम्हें सोचते हुए
रोज़
एक नई दुनिया रचती हूँ
मिट्टी के चावल
धूल की सब्ज़ी
पत्ते की रोटी
खेल-घर जैसी...
एक ऐसी दुनिया
जिसे कोई नहीं जानता
जह…
2 months, 1 week ago
Apna Yatna Mein | Savita Singh
Episode 1208
अपनी यातना में । सविता सिंह
वह सो चुकी थी कई नींदें
कई दिन और रातें बीत चुकी थीं
कई ज़िंदगियाँ बन और बिखर चुकी थीं इस बीच
लेकिन एक सपना था जो अब भी झिलम…
2 months, 1 week ago
Vismriti ka Phool | Gobind Prasad
Episode 1207
विस्मृति का फूल । गोबिंद प्रसाद
...मैं हूँ
मैं हूँ किसी का
...हूँ किसी का
सपना
देखा हुआ अनदेखा
अपना
स्मृति में जैसे बसा-किसी की
विस्मृति का फूल
बन, खिलने की ह…
2 months, 1 week ago
Rone Wala Hi Gaata Hai | Gopaldas Neeraj
Episode 1206
रोने वाला ही गाता है । गोपालदास नीरज
रोने वाला ही गाता है!
मधु-विष हैं दोनों जीवन में
दोनों मिलते जीवन-क्रम में
पर विष पाने पर पहले मधु-मूल्य अरे, कुछ बढ…
2 months, 1 week ago
Karbala | Rajesh Joshi
Episode 1205
कर्बला। राजेश जोशी
पानी पियो तो याद करो प्यास इमाम हुसैन की!
पानी पियो तो शुक्रिया अदा करो बादलों का
नदियों, तालाबों और समुंदरों का
शुक्रिया अदा करो समु…
2 months, 2 weeks ago
Jharkhand Ke Pahadon Ka Aranyarodan | Gyanendrapati
Episode 1204
झारखण्ड के पहाड़ों का अरण्यरोदन । ज्ञानेन्द्रपति
डबडबा आया है भुरुकवा
पूरब में भिनसार का भान है
चिड़ियों का उजला कलरव जागने से पहले
अँधियारी में एक काली…
2 months, 2 weeks ago
Phir Kahe Ki Dooriyan | Anwar Suhail
Episode 1203
फिर काहे की दूरियाँ । अनवर सुहैल
देखकर मुझको तुम्हें याद आती बिरयानी की
मिलकर मुझसे बातें करते शराब-शबाब से लबरेज़ ग़ज़लों की
तुम्हारे संवाद में अचानक …
2 months, 2 weeks ago
Mitti Ki Kaaya | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 1202
मिट्टी की काया । विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
इसी में बहती है
मंदाकिनी अलकनंदा
इसी में चमकते हैं
कैलाश नील्कंठ
इसी में लिखते हैं
ब्रह्मकमल
इसी में फड़फड़ाते हैं
म…
2 months, 2 weeks ago