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Char Aur Panktiyan | Prabhakar Machve
Episode 744
चार और पंक्तियाँ | प्रभाकर माचवे
जब दिल ने दिल को जान लिया
जब अपना-सा सब मान लिया
तब ग़ैर-बिराना कौन बचा
यदि बचा सिर्फ़ तो मौन बचा
1 year, 3 months ago
Naavein | Naresh Saxena
Episode 743
नावें | नरेश सक्सेना
नावों ने खिलाए हैं फूल मटमैले
क्या उन्हें याद है कि वे कभी पेड़ बनकर उगी थीं
नावें पार उतारती हैं
ख़ुद नहीं उतरतीं पार
नावें धार के…
1 year, 3 months ago
Sundariyon | Nilesh Raghuvanshi
Episode 742
सुंदरियों | नीलेश रघुवंशी
मत आया करो तुम सम्मान समारोहों में
तश्तरी, शाल और श्रीफल लेकर
दीप प्रज्वलन के समय
मत खड़ी रहा करो माचिस और दीया -बाती के संग
म…
1 year, 3 months ago
Nahi Dunga Naam | Nandkishore Acharya
Episode 741
नहीं दूँगा नाम | नंदकिशोर आचार्य
नहीं दूँगा तुम्हें कोई नाम।
जूही की कली,
कलगी बाजरे की छरहरी,
या और कुछ।
नाम देना पहचान को जड़ करना है
मैं तो तुम्हें
हर ब…
1 year, 3 months ago
Rishtedari | Laxmishankar Vajpeyi
Episode 740
रिश्तेदारी | लक्ष्मीशंकर वाजपेयी
नहीं, यह भी संभव नहीं होता
कि उनके शहर जाकर भी
जाया ही न जाय रिश्तेदारों के घर
अकसर कुछ एहसान लदे होते हैं
उनके बुज़ुर्गो…
1 year, 3 months ago
Abbas Miyan | Neerav
Episode 739
अब्बास मियाँ | नीरव
पंद्रह बीघे की खेती अकेले संभालने वाले अब्बास मियाँ
हमारे हरवाहे थे
हम काका कहते थे उन्हें
हम सुनते बड़े हुए थे काका खानदानी
शहनाई व…
1 year, 3 months ago
Kya Kaam | Manglesh Dabral
Episode 738
क्या काम | मंगलेश डबराल
आप दिखते हैं बहुत उदास
आपको इस शहर में क्या काम
आपके भीतर भरा है ग़ुस्सा
आपको इस शहर में क्या काम
आप सफलता नहीं चाहते
नहीं चाहते ता…
1 year, 3 months ago
Mera Aangan Mera Ped | Javed Akhtar
Episode 737
मेरा आँगन, मेरा पेड़ | जावेद अख़्तर
मेरा आँगन
कितना कुशादा फैला हुआ कितना बड़ा था
जिसमें
मेरे सारे खेल
समा जाते थे
और आँगन के आगे था वह पेड़
कि जो मुझसे काफ…
1 year, 4 months ago
Balshram | Pawan Sain Masoom
Episode 736
बालश्रम| पवन सैन मासूम
छणकु साफ़ कर रहा है चाय के झूठे गिलास
इसलिए नहीं कि उसके नन्हें हाथ
सरलता से पहुँच पा रहे हैं गिलास की तह तक
बल्कि इसलिए कि
उसके घ…
1 year, 4 months ago
Makaan Ke Upari Manzil Par | Gulzar
Episode 735
मकान की ऊपरी मंज़िल पर | गुलज़ार
वो कमरे बंद हैं कब से
जो चौबीस सीढ़ियां जो उन तक पहुँचती थी, अब ऊपर नहीं जाती
मकान की ऊपरी मंज़िल पर अब कोई नहीं रहता
व…
1 year, 4 months ago