Podcast Episodes
Back to Search
Tumhare Baare Mein | Bhawani Prasad Mishra
Episode 858
तुम्हारे बारे में | भवानी प्रसाद मिश्र
तुम्हारे बारे में,
तुमसे ही कहूँ
तुम्हें देखकर बढ़ जाती है
मशालों की ज्योति
मोती हो जाता है
ज़्यादा पानी दार
आभार-सा …
1 year, 2 months ago
Swapn Me Bhi Swapn Ke Bahar | Adnan Kafeel Darwesh
Episode 857
स्वप्न में भी स्वप्न के बाहर | अदनान कफ़ील दरवेश
सोचो तो
घर भी एक गुल्लक है।
जिसमें बजते हैं
तरल-ठोस दिन
खड़-खड़ उदास...
कागज़ हैं दीवारें
जिन्हें सोख लिया…
1 year, 2 months ago
Samaj Unhe Mardana Kehta Hai | Ekta Verma
Episode 856
समाज उन्हें मर्दाना कहता है | एकता वर्मा
जो राजाओं के युद्ध से लौटने का इन्तिज़ार नहीं करती
उनके पीछे जौहर नहीं करती
बल्कि निकलती हैं संतान को पीठ पर…
1 year, 2 months ago
Churchgate Ka Platform | Anup Sethi
Episode 855
चर्चगेट का प्लेट्फॉर्म | अनूप सेठी
शाम के समय जब प्लेटफॉर्म बहुत व्यस्त होता है
ढलती धूप के चौकोर टुकड़े
पैरों से खचाखच भरते जाते हैं
रीत जाते हैं फिर भर…
1 year, 2 months ago
Deh | Devi Prasad Mishra
Episode 854
देह | देवी प्रसाद मिश्र
देह प्रेम के काम आती है।
वह यातना देने और सहने के काम आती है।
पीटने में जला देने में
आत्मा को तबाह करने के लिये कई बार राज्य और …
1 year, 2 months ago
Ilahabad | Satyam Tiwari | Satyam Tiwari
Episode 853
इलाहबाद | सत्यम तिवारी
तय तो यही हुआ था
घोर असहमति के साथ जब भी वर्षा होगी
हम यात्रा पर निकलेंगे
असबाब उतना ही रहेगा
जितना एक नाव पर सिमट आए
भटकाव क…
1 year, 2 months ago
Todna Aur Banana | Priyadarshan
Episode 852
तोड़ना और बनाना | प्रियदर्शन
बनाने में कुछ जाता है
नष्ट करने में नहीं
बनाने में मेहनत लगती है. बुद्धि लगती है, वक्त लगता है
तोड़ने में बस थोड़ी सी ताकत
और…
1 year, 2 months ago
Prashn | Kunwar Narayan
Episode 851
प्रश्न | कुँवार नारायण
तारों की अंध गलियों में
गूँजता हुआ उद्दंड उपहास...
वह मेरा प्रश्न है
विशाल आडंबर,
अभी चुभती दृष्टि की गर्म खोज में मैंने
प्रश्नाह…
1 year, 2 months ago
Mom Ka Ghoda | Dushyant Kumar
Episode 850
मोम का घोड़ा | दुष्यंत कुमार
मैने यह मोम का घोड़ा,
बड़े जतन से जोड़ा,
रक्त की बूँदों से पालकर
सपनों में ढालकर
बड़ा किया,
फिर इसमें प्यास और स्पंदन
गायन और क…
1 year, 2 months ago
Ant Mein | Sarveshwar Dayal Saxena
Episode 849
अन्त में | सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
अब मैं कुछ कहना नहीं चाहता,
सुनना चाहता हूँ
एक समर्थ सच्ची आवाज़
यदि कहीं हो।
अन्यथा
इसके पूर्व कि
मेरा हर कथन
हर मंथन
हर अभि…
1 year, 2 months ago