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कौन बशारत अली? स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उनकी हर बात 'नहीं' से शुरु होती थी. मान लीजिए आप उनसे कहें कि आज बड़ी सर्दी है, वो कहेंगे "नहीं, कल ज़्यादा पड़ेगी" आप कहिए, "मैं कल सड़क पर फिसल कर …
1 year, 4 months ago
दा निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस में मिले दो अजनबी खेलते हैं ट्रेन में कौन सा ख़तरनाक खेल? सुनिए जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की नई थ्रिलर कहानी - दा निज़ामुद्दीन एक्स…
1 year, 4 months ago
The New Year Psycho | दा न्यू ईयर साइको | स्टोरीबॉक्स
वो नए साल की रात थी... चैपल स्ट्रीट से घर लौटते एक शख्स को एक औरत की लाश पड़ी मिली... लाश का सर धड़ से अलग था. और उसे बेरहमी से मारा गया था. जिस्म के…
1 year, 4 months ago
मेरे पति की पतलून | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
"तुम कहना क्या चाहती हो, क्या ये कह रही हो कि मैं नहाता नहीं हूं, मैं तो रोज़ नहाता हूं बल्कि दिन में दो बार नहाता हूं" - "देखिए, दो डोंगा पानी डाल क…
1 year, 4 months ago
कफ़न चोर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
सर्द रात में उसकी बेटी बुखार से बुरी तरह से तप रही थी लेकिन उसकी जेब में इतना पैसा भी नहीं था कि एक चादर ख़रीद सकता. बेटी अपनी कंपकपी छुपा रही थी ताक…
1 year, 5 months ago
एक चुगलख़ोर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा…
1 year, 5 months ago
ठाकुर का कुआं | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था ज…
1 year, 5 months ago
ससुर जी का पुराना स्कूटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था…
1 year, 5 months ago
एक शायर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्ला…
1 year, 6 months ago
कभी मैं, कभी तुम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो।…
1 year, 6 months ago