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एक चुगलख़ोर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा…
1 year, 8 months ago
ठाकुर का कुआं | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था ज…
1 year, 8 months ago
ससुर जी का पुराना स्कूटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था…
1 year, 9 months ago
एक शायर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्ला…
1 year, 9 months ago
कभी मैं, कभी तुम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो।…
1 year, 9 months ago
मीरपुर के पीर साहब | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मीरपुर के उस जलसे में मुझे स्टेज पर भेज दिया गया और दर्जनों लोग स्टेज पर आकर मुझसे गले लग कर जा रहे थे तभी मुझे मेरी जेब हलकी महसूस हुई. देखा तो कोई …
1 year, 9 months ago
उसके जाने के बाद | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
पत्नी का गुज़रे कुछ साल हुए थे कि मंशी जी बिल्कुल ज़िंदगी से अलग हो गए थे. किसी चीज़ में मन नहीं लगता था. कोई भूला भटका घर आ जाए तो उसे अपनी पत्नी के…
1 year, 9 months ago
सर्दियों की एक रात | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
रातें सर्द होने लगी थीं और उसके पास रहने का कोई इंतज़ाम नहीं था. उसने बहुत सोचा और फिर इस नतीजे पर पहुंचा कि उसके लिए अगले तीन महीने के लिए जेल से अच…
1 year, 10 months ago
ब्रेक अप एट गरबा नाइट | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
वो गुड़गांव के दफ्तर में होने वाली गरबा नाइट थी। फालगुनी पाठक उसमें चीफ गेस्ट थीं। हर तरफ डांडिया थामे सजे-धजे लोग और माहौल में म्यूज़िक गूंज रही थी …
1 year, 10 months ago
उस घर में कौन था? स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मुझे ये क्यों लग रहा था कि मैं उस घर में अकेला नहीं हूं. कोई और भी है जो मेरे आसपास खड़ा मुझे देख रहा है. बिजली तेज़ से कौंधी और तभी मैंने वो देखा जो…
1 year, 10 months ago