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The New Year Psycho | दा न्यू ईयर साइको | स्टोरीबॉक्स
The New Year Psycho | दा न्यू ईयर साइको | स्टोरीबॉक्स

वो नए साल की रात थी... चैपल स्ट्रीट से घर लौटते एक शख्स को एक औरत की लाश पड़ी मिली... लाश का सर धड़ से अलग था. और उसे बेरहमी से मारा गया था. जिस्म के…

1 year, 6 months ago

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मेरे पति की पतलून | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मेरे पति की पतलून | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

"तुम कहना क्या चाहती हो, क्या ये कह रही हो कि मैं नहाता नहीं हूं, मैं तो रोज़ नहाता हूं बल्कि दिन में दो बार नहाता हूं" - "देखिए, दो डोंगा पानी डाल क…

1 year, 6 months ago

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कफ़न चोर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कफ़न चोर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

सर्द रात में उसकी बेटी बुखार से बुरी तरह से तप रही थी लेकिन उसकी जेब में इतना पैसा भी नहीं था कि एक चादर ख़रीद सकता. बेटी अपनी कंपकपी छुपा रही थी ताक…

1 year, 6 months ago

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एक चुगलख़ोर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक चुगलख़ोर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

चुगलखोर चाचा जब मर कर दूसरी दुनिया में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वो तो दोज़ख में भेज दिये गए हैं। वहां उन्होंने क्या किया कि उन्हें वापस जन्नत भेजा…

1 year, 6 months ago

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ठाकुर का कुआं | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ठाकुर का कुआं | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

बात सिर्फ एक ग्लास पानी की थी लेकिन घर में रखा पानी बदबूदार था. उसका गला इस क़दर सूख गया था कि बस मरने ही वाला था और पूरे गांव में सिर्फ एक कुआं था ज…

1 year, 7 months ago

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ससुर जी का पुराना स्कूटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ससुर जी का पुराना स्कूटर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

उस रात मानव इतिहास में पहली बार एक अनोखा काम होने जा रहा था। एक आदमी जिसे खुद एक काम नहीं आता था वो आदमी वही काम दूसरे को सिखाने जा रहा था. वो काम था…

1 year, 7 months ago

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एक शायर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
एक शायर की मौत | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

एक शायर साहब किसी सरकारी दफ्तर से बाहर आ रहे थे कि तभी तेज़ आंधी चलने लगी. आंधी में एक पेड़ टूटकर गिरा और शायर साहब उसके नीचे दब गए. शायर साहब चिल्ला…

1 year, 7 months ago

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कभी मैं, कभी तुम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
कभी मैं, कभी तुम | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

कॉफी का रंग घुलने लगा था। बावर्ची खाने में आंखों के कोरों पर ग़म को पोंछते हुए ज़ैनब चाय की पत्ती का डिब्बा ढूंढने लगी। दूसरी शादी का पहला दिन था वो।…

1 year, 7 months ago

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मीरपुर के पीर साहब | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
मीरपुर के पीर साहब | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

मीरपुर के उस जलसे में मुझे स्टेज पर भेज दिया गया और दर्जनों लोग स्टेज पर आकर मुझसे गले लग कर जा रहे थे तभी मुझे मेरी जेब हलकी महसूस हुई. देखा तो कोई …

1 year, 8 months ago

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उसके जाने के बाद | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उसके जाने के बाद | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

पत्नी का गुज़रे कुछ साल हुए थे कि मंशी जी बिल्कुल ज़िंदगी से अलग हो गए थे. किसी चीज़ में मन नहीं लगता था. कोई भूला भटका घर आ जाए तो उसे अपनी पत्नी के…

1 year, 8 months ago

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