Podcast Episodes
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दफ़्तर का एक दिन | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
ये जो सुबह सुबह बड़े शहरों में आप टिफिन कंधे पर लटकाए मल्टी नैशनल कंपनियों की शीशे की ऊंची-ऊंची इमारतों में दाखिल होते हुए देखते हैं, ये लोग ऑफ़िसों …
1 year, 1 month ago
सिगरेट पीने वाले लोग | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
सिगरेट पीने वाले दो लोगों की दोस्ती तब होती है जब वो साथ में सिगरेट पीते हैं, वो दोस्ती पक्की तब होती है जब वो एक-दूसरे की सिगरेट पीने लगते हैं और पक…
1 year, 1 month ago
मुखर्जी बाबू की डायरी | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
लंदन में रहने वाले मुखर्जी साहब के पास एक डायरी थी जिसमें उन तमाम ख़ूबसूरत औरतों के नाम थे जो उनसे पिछले 15 सालों में मिली थीं. जब भी उनके पास कुछ फ़…
1 year, 2 months ago
पापा की कलाई घड़ी | स्टोरीबॉक्स
दुनिया का हर पिता अपनी औलाद की खुशी के लिए तो जीता है. बच्चे की एक मुस्कुराहट के लिए खुद को थोड़ा-थोड़ा रोज़ खत्म करता है. सुनिये कहानी पापा की कलाई …
1 year, 2 months ago
इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
चांद की सरकार को ये सिखाने के लिए कि कम मेहनत में ज़्यादा क्रिमिनल कैसे पकड़े जाएं, देश की सरकार ने अपने कर्मठ कर्मचारी इंस्पेक्टर मातादीन को चांद पर…
1 year, 2 months ago
मेरी पुरानी कमीज़ | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
आदमी के कपड़े क्या उसकी शख्सियत तय करते हैं? कोई कहता है हां और कोई कहना है ना, तो भइय्या मैंने अपनी बीवी से लगाई शर्त और फटी पुरानी कमीज़ पहनकर चल द…
1 year, 2 months ago
तुम्हारे पास कोई दास्तां है? | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
उसकी नींद का कमरा अजीब-अजीब सपनों के काले पर्दों से ढका था. घबरा कर उठ जाना जाने नियति थी या आदत लेकिन हर बार यूँ पसीने से लथपथ घबराई सी हालत में उठन…
1 year, 2 months ago
पुराना चावल | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
किसकी बिरयानी सबसे बढ़िया? ये एक ऐसा सवाल है जिसको लेकर आए दिन हैदराबाद, लखनऊ और दिल्ली वाले आपस में तूतू-मैंमैं किया करते हैं. यही बहस एक दिन शुरु ह…
1 year, 3 months ago
प्रेमी के साथ एक सफ़र | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
सामने वाली सीट पर बैठी उस लड़की को जब मैं देखने लगा तो काका बोले, "सुनो तुम मत देखो. मैं देख सकता हूं. इस देश में बूढ़े लोगों को प्रिवलेज मिला है कि …
1 year, 3 months ago
लखनऊ वाले चुस्सी पहलवान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद
पुराने लखनऊ में अकबरी गेट के पास चाय की दुकानों पर अख़बार पढ़ते दिखाई देने वाले चुस्सी पहलवान को इस बार नया शिगूफ़ा मिला. ज़मीन के नीचे दबी गड़ी हुई …
1 year, 3 months ago