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तुम्हारे इंतज़ार में... | स्टोरीबॉक्स | EP 20
रसूलपुर रियासत के मालिक 71 साल के इनायत अली खां उस टाट के पर्दे वाली झुग्गी के सामने खड़े थे। "कौन है" अंदर से एक बुज़ु्र्ग आवाज़ आई। खां साहब ने डरत…
3 years, 7 months ago
चची के इश्क़ में | स्टोरीबॉक्स | EP 19
चचा और चची की मुहब्बत सावन की धूप जैसी थी - पल भर में होती, पल भर में गायब। चची के चेहरे पर खुशी लाने के लिए चचा घर के हर काम को अंजाम देने के लिए मि…
3 years, 7 months ago
हकीम साहब की बकरी | स्टोरीबॉक्स | EP 18
अगले ही दिन पूरे मोहल्ले में खबर हो गई बकरुन-निसां कोई मामूली बकरी नहीं है, वली पीर साहब का अक्स हैं। हकीम साहब के घर में लोग पहुंचे तो देखा कि बकरुन…
3 years, 7 months ago
न छेड़ो हमें, हम नहाए हुए हैं | स्टोरीबॉक्स | EP 17
"अरे दामाद जी, उठिये। नहाइयेगा नहीं क्या"ससुर जी की आवाज़ के बाद मैंने पहले एक पैर रज़ाई से निकाल कर सर्दी के हालात का जायज़ा लिया। पैर बाहर निकालते …
3 years, 7 months ago
मसूद भाई की छलांग | स्टोरीबॉक्स | EP 16
पास लेकर जैसे ही हम दरवाज़े पर पहुंचे तो एक दरबान ने मुझे रोका। मैंने उसे पास दिखाया तो उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गयी। उसने मेरे चेहरे को ग़ौर से …
3 years, 7 months ago
बटेर की निहारी | स्टोरीबॉक्स | EP15
पिछले बुध की शाम हमारा सदर के एक नामी होटल में जाना हुआ। वेटर लपक कर आया। हमने पूछा, “क्या है?” बोला, “जी अल्लाह का दिया सब कुछ है!” हमने कहा, “खाने …
3 years, 8 months ago
हमें ऐसे हुई मुहब्बत | स्टोरीबॉक्स | EP 14
हम दोनों के घर वाले आज़ाद ख़्याल थे, हमसे कहा गया कि लड़का-लड़की कुछ वक्त अकेले में बातें कर लें। हम दोनों बालकनी पर आए। दूर रखा तेज़ फ़र्राटा वाला प…
3 years, 8 months ago
क़िबला काबा ईमान भी तू | स्टोरीबॉक्स | EP 13
"पाकिस्तान से ट्रेनें भर-भर के लौटती थीं, लेकिन फ्लैटफॉर्म पर ख़ड़ी बन्नों बुआ के हिस्से में सिर्फ इंतज़ार आता था। अम्मी हर साल एक ख़त बन्नों बुआ के …
3 years, 8 months ago
रशीद जहां की कहानी - चोर | स्टोरीबॉक्स | EP 12
रात के दस बज रहे थे मैं क्लीनिक में बैठी थी और क्लीनिक बंद करने का वक़्त हो गया था। उसी वक़्त एक आदमी धड़धड़ाते हुए अंदर घुसा, हट्टा-कट्टा शख्स, जिसक…
3 years, 8 months ago
पाज़ेब | स्टोरीबॉक्स | EP 11
मैं हमेशा सोचती थी कि मेरे ट्यूशन टीचर अयाज़ सर वक्त के इतने पांबद कैसे थे। शाम के साढ़े पांच बजते ही उनका स्कूटर आकर घर के दरवाज़े पर रुकता था और उस…
3 years, 9 months ago