Podcast Episodes
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एक प्यार अधूरा सा | स्टोरीबॉक्स | EP 23
वो कॉलेज की सबसे खूबसूरत लड़की नहीं थी और न ही सबसे ज़हीन। लेकिन फिर भी उसका आस-पास होना अच्छा लगता था। उसकी बेबाक़ी उसे औरों से अलग करती थी। हमने एक…
3 years, 4 months ago
दो घरों के दरमियां | स्टोरीबॉक्स | EP 22
दिसंबर की गुनगुनी धूप में सड़क के इस किनारे से उस किनारे तक बने मकानों की परछाइयां एक-दूसरे के कंधों पर सर टिकाए थीं। धूप मकानों के चेहरों को यूं छू …
3 years, 4 months ago
दा ब्लू कॉमरेड | स्टोरीबॉक्स | EP 21
"मेरे पिता ठाकुर हरदयाल सिंह के खेत में मज़दूर हैं। लोगों की शादी में छाती में संतरे लगा कर और पाँव में घुंगरू पहन कर नाचते भी हैं। इसके अलावा वो खूब…
3 years, 5 months ago
तुम्हारे इंतज़ार में... | स्टोरीबॉक्स | EP 20
रसूलपुर रियासत के मालिक 71 साल के इनायत अली खां उस टाट के पर्दे वाली झुग्गी के सामने खड़े थे। "कौन है" अंदर से एक बुज़ु्र्ग आवाज़ आई। खां साहब ने डरत…
3 years, 5 months ago
चची के इश्क़ में | स्टोरीबॉक्स | EP 19
चचा और चची की मुहब्बत सावन की धूप जैसी थी - पल भर में होती, पल भर में गायब। चची के चेहरे पर खुशी लाने के लिए चचा घर के हर काम को अंजाम देने के लिए मि…
3 years, 5 months ago
हकीम साहब की बकरी | स्टोरीबॉक्स | EP 18
अगले ही दिन पूरे मोहल्ले में खबर हो गई बकरुन-निसां कोई मामूली बकरी नहीं है, वली पीर साहब का अक्स हैं। हकीम साहब के घर में लोग पहुंचे तो देखा कि बकरुन…
3 years, 5 months ago
न छेड़ो हमें, हम नहाए हुए हैं | स्टोरीबॉक्स | EP 17
"अरे दामाद जी, उठिये। नहाइयेगा नहीं क्या"ससुर जी की आवाज़ के बाद मैंने पहले एक पैर रज़ाई से निकाल कर सर्दी के हालात का जायज़ा लिया। पैर बाहर निकालते …
3 years, 6 months ago
मसूद भाई की छलांग | स्टोरीबॉक्स | EP 16
पास लेकर जैसे ही हम दरवाज़े पर पहुंचे तो एक दरबान ने मुझे रोका। मैंने उसे पास दिखाया तो उसकी आंखों में अजीब सी चमक आ गयी। उसने मेरे चेहरे को ग़ौर से …
3 years, 6 months ago
बटेर की निहारी | स्टोरीबॉक्स | EP15
पिछले बुध की शाम हमारा सदर के एक नामी होटल में जाना हुआ। वेटर लपक कर आया। हमने पूछा, “क्या है?” बोला, “जी अल्लाह का दिया सब कुछ है!” हमने कहा, “खाने …
3 years, 6 months ago
हमें ऐसे हुई मुहब्बत | स्टोरीबॉक्स | EP 14
हम दोनों के घर वाले आज़ाद ख़्याल थे, हमसे कहा गया कि लड़का-लड़की कुछ वक्त अकेले में बातें कर लें। हम दोनों बालकनी पर आए। दूर रखा तेज़ फ़र्राटा वाला प…
3 years, 6 months ago