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फ़ोटोग्राफ़र | क़ुर्रतुल ऐन हैदर | स्टोरीबॉक्स | EP 34
अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद …
3 years ago
फ़ोटोग्राफ़र | क़ुर्रतुल ऐन हैदर | स्टोरीबॉक्स | EP 34
अब वो फ़ोटोग्राफ़र बहुत बूढ़ा हो चुका है और गेस्ट हाउस के फाटक पर टीन की कुर्सी डाले बैठा रहता है और सैलानियों की तस्वीरें उतारता है। पंद्रह साल बाद …
3 years ago
वरना हम भी आदमी थे काम के | स्टोरीबॉक्स | EP 33
खां साहब स्टैनली रोड पर आराम से खड़े गाड़ियों का चालान कर रहे थे कि उसी वक्त एक तेज़ रफ़्तार गाड़ी आई और उन्हें ठोकती हुई रुक गयी। खां साहब के चेहरे …
3 years ago
मिर्ज़ा की पुरानी साइकिल | स्टोरीबॉक्स | EP 32
मिर्ज़ा साहब ने कहा, "अरे भई मुझे पैसे नहीं चाहिए, पर तुम ज़बरदस्ती देना चाहो तो जो जी करे दे दो" मैंने चालीस रुपए उनकी जेब में डाल दिए। अगली सुबह नौ…
3 years, 1 month ago
बहादुर अल्ला दित्ता फ़ायरमैन | कॉमेडी | स्टोरीबॉक्स | EP 31
राइटर ने गला खंखारते हुए कहा, "रात का वक्त था अचानक एक ऊंची इमारत की चौथी मंज़िल से आग की लपटें उठने लगीं। एक आदमी चिल्लाया - आग, आग, बचाओ, बचाओ" एडि…
3 years, 1 month ago
The Classmate | Storybox | EP 30
उस शख्स ने कहा कि मैं तुम्हारा तीस साल पुराना क्लासमेट हूं, मेरा नाम जय है। बोला, "याद है, हम दोनों गणित वाले सर को LCM कहा करते थे" मोहित को ये बात …
3 years, 1 month ago
हुए मर के हम जो रुस्वा | स्टोरीबॉक्स | EP 29
इस सनीचर की शाम मिर्ज़ा मेरे साथ मेवा-शाह कब्रिस्तान में थे। कब्रिस्तान में सभी रंजीदा थे सिवाए मुर्दे के। मिर्ज़ा टहलने लगे और वहां की कब्रों को देख…
3 years, 1 month ago
साइकिल की सवारी | स्टोरीबॉक्स | EP 28
हमको साइकिल चलाना तो आता था लेकिन साइकिल पर चढ़ने में अभी कच्चे थे। तो अगर कोई बैठा देता था तो फिर हम साइकिल के राजा हो जाते थे। निकल जाते थे सड़क पर…
3 years, 1 month ago
प्रेमचंद के पान | स्टोरीबॉक्स | EP 27
घर के सामने नई पान की दुकान खुली थी। मैं खुश था कि चलो अब पान खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन मुझे क्या पता था कि पान की ये दुकान मेरे लिए मेर…
3 years, 2 months ago
पूरे चांद की रात | स्टोरीबॉक्स | EP 26
वो जगमगाते सितारों की रात थी। हमारी कश्ती खुबानी के पेड़ से बंधी थी। चांदनी पत्तों के ओट से छनकर हमारे चेहरे पर पड़ रही थी। झील का पानी किनारे को चूम…
3 years, 2 months ago