Podcast Episodes
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चुन्ने ख़ान का जिन्न | स्टोरीबॉक्स | EP 49
मस्जिद की दीवार से लगी हुई बैटरी रिपेयर की दुकान चलाने वाले चुन्ने खान को पता चला कि एक लड़की पर आ गया है किर्गिस्तान का जिन्न और उस जिन को उतारने के…
3 years ago
नीली जुराबें | स्टोरीबॉक्स | EP 48
पाखी की उम्र बारह साल थी। उसकी ज़िंदगी के रंग अभी कच्चे थे। वो रात के वक्त छत पर लेटे हुए चुंधियाई आंखों से आसमान की तरफ चमकते तारों को हैरानी से देख…
3 years ago
दो ख़त | स्टोरीबॉक्स | EP 47
वो कहते हैं कि प्रेम पत्रों का ज़माना चला गया, अब आजकल तो इधर मैसेज टाइप किया उधर भेज दिया। लेकिन सूचना की इस आंधी में प्रेम पत्र फिर भी प्रेम पत्र ह…
3 years ago
शकूर भाई नहीं रहे | कॉमेडी | स्टोरीबॉक्स | EP 46
शकूर भाई हमारे पड़ोसी, बहुत नेक आदमी थे। शहर में बर्फ के तीन कारखाने थे। निहायत शरीफ आदमी लेकिन एक सुबह अचानक ख़बर आई कि नहीं रहे। हम भी पहुंच गए उनक…
3 years, 1 month ago
हम रहे न हम | स्टोरीबॉक्स | EP 45
गर्वित और वैष्णवी की शादी को दो साल भी नहीं हुए थे कि वैष्णवी को न जाने क्यों लगने लगा कि गर्वित उसे अब उस तरह नहीं चाहता जैसे शादी के पहले चाहता था।…
3 years, 1 month ago
तुम्हें शायद न याद हो | स्टोरीबॉक्स | EP 44
तो.. तुम्हारी बीवी कैसी है?" ज़ेहरा ने शादमान ने पूछा तो उसने उसे सच नहीं बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है, बस इतनी ही कहा, "ठीक है वो... तुम बत…
3 years, 1 month ago
बड़े भाई साहब | मुंशी प्रेमचंद | स्टोरीबॉक्स | EP 43
मेरे बड़े भाई साहब उम्र में मुझसे पांच साल बड़े थे लेकिन सिर्फ तीन क्लास आगे थे। वो दिन भर पढ़ते रहते थे और कहीं मुझे सड़क पर लड़कों के साथ खेलते देख…
3 years, 1 month ago
फैंसी हेयर कटिंग सलून | स्टोरीबॉक्स | EP 42
चार बाल काटने वाले हजाम मिलकर एक हेयर कटिंग सलून चलाते थे। दुकान बढ़िया चलती थी। कस्टरमर्स की भीड़ लगी रहती थी। एक शख्स उनकी दुकान पर एक शख्स आया। कप…
3 years, 1 month ago
आलाँ का इश्क़ | स्टोरीबॉक्स | EP 41
आलाँ गरीब थी, उसके वालिद गाँव में जूता बनाते-बनाते मर गए थे। अब कोई नहीं था जो उसके सर पर हाथ रखता। पर वो खूबसूरत थी। लोगों के घरों में छोटे-मोटे काम…
3 years, 2 months ago
एक तवायफ़ का ख़त | स्टोरीबॉक्स | EP 40
मैं बम्बई के फ़ारस रोड की एक तवायफ़ हूं। मैंने एक हिंदू और एक मुस्लिम लड़की को खरीदा है जो मेरे साथ मेरी ही कोठरी में रहती हैं। मैं उनके लिए ये खत ने…
3 years, 2 months ago