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उल्लू का पट्ठा | स्टोरीबॉक्स | EP 59
क़ासिम पागल नहीं था, वो होशमंद आदमी था पर ये अजीब सी ख़्वाहिश उसके दिल में चिंगारी की तरह भड़क रही थी कि वो जल्दी से किसी को 'उल्लू का पट्ठा' कह दे। …
2 years, 10 months ago
चौधरी साहब का तोता | स्टोरीबॉक्स | EP 58
चौधरी साहब जब मरे तो अपने पीछे एक तोता छोड़ गए। तोते का पिंजड़ा घर की ड्योढ़ी पर लटका रहता था और तोता आते-जाते लोगों को गालियां देता रहता। दरअसल गाली…
2 years, 10 months ago
इश्क़ में कभी कभी | Part 2 | स्टोरीबॉक्स | EP 57
हम एक बार बिछड़ चुके थे, दूसरी बार बिछड़ना नहीं चाहते थे। शनाया से जब मैं दूसरी बार मिला तो मेरे हाथ में एक किताब थी 'निर्मल वर्मा' की 'वे दिन' जिसके…
2 years, 10 months ago
इश्क़ में कभी कभी | Part 1 | स्टोरीबॉक्स | EP 56
बेल बजी और दरवाज़ा खुला... लाल लाल सुर्ख आंखे, रंग बादामी, मूछें घनी... वो शख्स पुलिस अफसर तो कहीं से नहीं लग रहे थे पर बल्कि कदकाठी से ऐसे जल्लाद …
2 years, 10 months ago
मामूजान घर पे हैं? | स्टोरीबॉक्स | EP 55
मेरे अब्बा को पता नहीं किसने बता दिया था हॉस्टल बहुत बुरी जगह होती है। उनको लगता था कि हॉस्टल गुनाहों की एक दोज़ख होती है। हॉस्टल में रहने वाले लड़के…
2 years, 11 months ago
दो अजनबी, एक सिगरेट | स्टोरीबॉक्स | EP 54
शहर में दंगे के बाद कर्फ्यू लगा हुआ था। पुलिस की गाड़ियां गश्त लगा रही थीं। इसी दौरान वो आदमी छुपता हुआ एक बड़े से कूड़ेदान में छुप गया। पर वहां एक आ…
2 years, 11 months ago
दो फर्लांग लंबी सड़क | स्टोरीबॉक्स | EP 53
ये सड़क जो कचहरी से होते हुए लॉ कॉलेज के आखिरी दरवाज़े तक जाती है मैं इस पर बीते नौ सालों से रोज़ाना दफ़्तर जाता हूं। इस सड़क ने क्या क्या देखा है, क…
2 years, 11 months ago
त्रास : कहानी दिल्ली की एक सड़क की | स्टोरीबॉक्स | EP 52
मेरी कार से उस साइकिल सवार की टक्कर हो गयी थी। ग़लती तो मेरी ही थी लेकिन दिल्ली की सड़क पर एक्सीडेंट के बाद बचाव का तरीका यही है कि गुस्सा करते हुए ब…
2 years, 11 months ago
सांवली सी एक लड़की | स्टोरीबॉक्स | EP 51
लड़के वाले आ चुके थे। बगल वाले कमरे से उनकी बातचीत की आवाज़ सुनाई दे रही थी। मां ने मुझे उस दिन बैंगनी साड़ी पहनाई थी क्योंकि उन्हें लगता था कि उसमें…
2 years, 11 months ago
दूसरी शादी | स्टोरीबॉक्स | EP 50
पूरे घर को बदल दिया गया था। पापा ने मेज़ पर बिछे मेज़पोश से लेकर पर्दे तक, सब नए मंगवाए थे। दीवारों पर लगी धुंधली तस्वीरों को साफ किया। चाय के लिए पड…
3 years ago