Podcast Episodes
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Bheegna | Prashant Purohit
Episode 598
भीगना | प्रशांत पुरोहित
जब सड़क इतनी भीगी है तो मिट्टी कितनी गीली होगी,
जब बाप की आँखें नम हैं, तो ममता कितनी सीली होगी।
जेब-जेब ढूँढ़ रहा हूँ माचिस क…
1 year, 10 months ago
Jeevan | Agyeya
Episode 599
जीवन | अज्ञेय
चाबुक खाए
भागा जाता
सागर-तीरे
मुँह लटकाए
मानो धरे लकीर
जमे खारे झागों की—
रिरियाता कुत्ता यह
पूँछ लड़खड़ाती टांगों के बीच दबाए।
कटा हुआ
जाने-पहचा…
1 year, 10 months ago
Vaapsi | Ashok Vajpeyi
Episode 597
वापसी | अशोक वाजपेयी
जब हम वापस आएँगे
तो पहचाने न जाएँगे-
हो सकता है हम लौटें
पक्षी की तरह
और तुम्हारी बगिया के किसी नीम पर बसेरा करें
फिर जब तुम्हारे बरा…
1 year, 10 months ago
Gaon Gaya Tha Main | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 596
गाँव गया था मैं | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
गाँव गया था मैं
मेरे सामने कल्हारे हुए चने-सा आया गाँव
अफसर नहीं था मैं
न राजधानी का जबड़ा
मुझे स्वाद नहीं मिला
य…
1 year, 10 months ago
Zindagi Se Yehi Gila Hai Mujhe | Ahmed Faraz
Episode 595
ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे | फ़राज़
ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे
हमसफ़र चाहिये हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी काफ़िला है मुझे
तू …
1 year, 10 months ago
Pukar | Kedarnath Aggarwal
Episode 594
पुकार | केदारनाथ अग्रवाल
ऐ इन्सानों!
आँधी के झूले पर झूलो
आग बबूला बन कर फूलो
कुरबानी करने को झूमो
लाल सवेरे का मूँह चूमो
ऐ इन्सानों ओस न चाटो
अपने हाथों पर…
1 year, 10 months ago
Vo Ped | Shashiprabha Tiwari
Episode 593
वो पेड़ | शशिप्रभा तिवारी
तुमने घर के आंगन में
आम के गाछ को रोपा था
तुम उसी के नीचे बैठ कर
समय गुज़ारते थे
उसकी छांव में
लोगों के सुख दुख सुनते थे
उस …
1 year, 10 months ago
Dua Sab Karte Aaye Hain | Firaaq Gorakhpuri
Episode 592
दुआ सब करते आए हैं | फ़िराक़ गोरखपुरी
दुआ सब करते आए हैं दुआ से कुछ हुआ भी हो
दुखी दुनिया में बन्दे अनगिनत कोई ख़ुदा भी हो
कहाँ वो ख़ल्वतें दिन रात की औ…
1 year, 10 months ago
Pyar Mein Chidiya | Kuldeep Kumar
Episode 591
प्यार में चिड़िया | कुलदीप कुमार
एक चिड़िया
अपने नन्हे पंखों में
भरना चाहती है
आसमान
वह प्यार करती है
आसमान से नहीं
अपने पंखों से
एक दिन उसके पंख झड़ जायेंगे…
1 year, 10 months ago
Koi Hans Raha Hai Koi Ro Raha Hai | Akbar Allahabadi
Episode 590
कोई हँस रहा है कोई रो रहा है | अकबर इलाहाबादी
कोई हँस रहा है कोई रो रहा है
कोई पा रहा है कोई खो रहा है
कोई ताक में है किसी को है गफ़लत
कोई जागता है कोई स…
1 year, 11 months ago