Podcast Episodes
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Vo Ped | Shashiprabha Tiwari
Episode 593
वो पेड़ | शशिप्रभा तिवारी
तुमने घर के आंगन में
आम के गाछ को रोपा था
तुम उसी के नीचे बैठ कर
समय गुज़ारते थे
उसकी छांव में
लोगों के सुख दुख सुनते थे
उस …
1 year, 8 months ago
Dua Sab Karte Aaye Hain | Firaaq Gorakhpuri
Episode 592
दुआ सब करते आए हैं | फ़िराक़ गोरखपुरी
दुआ सब करते आए हैं दुआ से कुछ हुआ भी हो
दुखी दुनिया में बन्दे अनगिनत कोई ख़ुदा भी हो
कहाँ वो ख़ल्वतें दिन रात की औ…
1 year, 8 months ago
Pyar Mein Chidiya | Kuldeep Kumar
Episode 591
प्यार में चिड़िया | कुलदीप कुमार
एक चिड़िया
अपने नन्हे पंखों में
भरना चाहती है
आसमान
वह प्यार करती है
आसमान से नहीं
अपने पंखों से
एक दिन उसके पंख झड़ जायेंगे…
1 year, 8 months ago
Koi Hans Raha Hai Koi Ro Raha Hai | Akbar Allahabadi
Episode 590
कोई हँस रहा है कोई रो रहा है | अकबर इलाहाबादी
कोई हँस रहा है कोई रो रहा है
कोई पा रहा है कोई खो रहा है
कोई ताक में है किसी को है गफ़लत
कोई जागता है कोई स…
1 year, 8 months ago
Ladki Ne Darna Chhor Diya | Sheoraj Singh 'Bechain'
Episode 589
लड़की ने डरना छोड़ दिया | डॉ श्यौराज सिंह बेचैन
लड़की ने डरना छोड़ दिया
अक्षर के जादू ने
उस पर असर बड़ा बेजोड़ किया,
चुप्पा रहना छोड़
दिया, लड़की ने डरना…
1 year, 8 months ago
Doosre Log | Manglesh Dabral
Episode 588
दूसरे लोग | मंगलेश डबराल
दूसरे लोग भी पेड़ों और बादलों से प्यार करते हैं
वे भी चाहते हैं कि रात में फूल न तोड़े जाएँ
उन्हें भी नहाना पसन्द है एक नदी उन…
1 year, 8 months ago
Vah Chehra | Kuldeep Kumar
Episode 587
वह चेहरा | कुलदीप कुमार
आज फिर दिखीं वे आँखें
किसी और माथे के नीचे
वैसी ही गहरी काली उदास
फिर कहीं दिखे वे सांवले होंठ
अपनी ख़ामोशी में अकेले
किन्हीं और आँ…
1 year, 8 months ago
Tumhari Kavita | Prashant Purohit
Episode 586
तुम्हारी कविता | प्रशांत पुरोहित
तुम्हारी कविता में उसकी काली आँखें थीं-
कालिमा किसकी-
पुतली की,
भँवों की,
कोर की,
या काजल-घुले आँसुओं की झिलमिलाती झील की…
1 year, 8 months ago
Nadiyan | Alok Dhanwa
Episode 585
नदियाँ | आलोक धन्वा
इछामती और मेघना
महानंदा
रावी और झेलम
गंगा गोदावरी
नर्मदा और घाघरा
नाम लेते हुए भी तकलीफ़ होती है
उनसे उतनी ही मुलाक़ात होती है
जितनी वे र…
1 year, 9 months ago
Pani Ek Roshni Hai | Kedarnath Singh
Episode 584
पानी एक रोशनी है। केदारनाथ सिंह
इन्तज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है फिर कहने का
कोई अर्थ न रह जाए
सोचो
जहाँ खड़े हो, वहीं से सोचो
चाहे राख…
1 year, 9 months ago