Podcast Episodes
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Kadam Milakar Chalna Hoga | Atal Bihari Vajpayee
Episode 602
क़दम मिला कर चलना होगा / अटल बिहारी वाजपेयी
बाधाएँ आती हैं आएँ
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँ…
1 year, 8 months ago
Kewal Main Nahi Hun | Ramdarash Mishra
Episode 601
केवल मैं नहीं हूँ | रामदरश मिश्र
तुम्हारे लिए लाता रहा
रंग-बिरंगे उपहार
लैंडस्केप
रेडियो
टी.वी.
वीडियो-गेम्स
फ्रीज
तरह-तरह के फर्नीचर
और न जाने कितने-कितने उ…
1 year, 8 months ago
Chamba Ki Dhoop | Kumar Vikal
Episode 600
चम्बा की धूप | कुमार विकल
ठहरो भाई,
धूप अभी आयेगी
इतने आतुर क्यों हो
आख़िर यह चम्बा की धूप है
एक पहाड़ी गाय
आराम से आयेगी
यहीं कहीं चौग़ान में घास चरेगी
गद्द…
1 year, 8 months ago
Bheegna | Prashant Purohit
Episode 598
भीगना | प्रशांत पुरोहित
जब सड़क इतनी भीगी है तो मिट्टी कितनी गीली होगी,
जब बाप की आँखें नम हैं, तो ममता कितनी सीली होगी।
जेब-जेब ढूँढ़ रहा हूँ माचिस क…
1 year, 8 months ago
Jeevan | Agyeya
Episode 599
जीवन | अज्ञेय
चाबुक खाए
भागा जाता
सागर-तीरे
मुँह लटकाए
मानो धरे लकीर
जमे खारे झागों की—
रिरियाता कुत्ता यह
पूँछ लड़खड़ाती टांगों के बीच दबाए।
कटा हुआ
जाने-पहचा…
1 year, 8 months ago
Vaapsi | Ashok Vajpeyi
Episode 597
वापसी | अशोक वाजपेयी
जब हम वापस आएँगे
तो पहचाने न जाएँगे-
हो सकता है हम लौटें
पक्षी की तरह
और तुम्हारी बगिया के किसी नीम पर बसेरा करें
फिर जब तुम्हारे बरा…
1 year, 8 months ago
Gaon Gaya Tha Main | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 596
गाँव गया था मैं | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
गाँव गया था मैं
मेरे सामने कल्हारे हुए चने-सा आया गाँव
अफसर नहीं था मैं
न राजधानी का जबड़ा
मुझे स्वाद नहीं मिला
य…
1 year, 8 months ago
Zindagi Se Yehi Gila Hai Mujhe | Ahmed Faraz
Episode 595
ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे | फ़राज़
ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे
हमसफ़र चाहिये हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी काफ़िला है मुझे
तू …
1 year, 8 months ago
Pukar | Kedarnath Aggarwal
Episode 594
पुकार | केदारनाथ अग्रवाल
ऐ इन्सानों!
आँधी के झूले पर झूलो
आग बबूला बन कर फूलो
कुरबानी करने को झूमो
लाल सवेरे का मूँह चूमो
ऐ इन्सानों ओस न चाटो
अपने हाथों पर…
1 year, 8 months ago
Vo Ped | Shashiprabha Tiwari
Episode 593
वो पेड़ | शशिप्रभा तिवारी
तुमने घर के आंगन में
आम के गाछ को रोपा था
तुम उसी के नीचे बैठ कर
समय गुज़ारते थे
उसकी छांव में
लोगों के सुख दुख सुनते थे
उस …
1 year, 8 months ago