Podcast Episodes
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Prem Aur Ghruna | Natasha
Episode 926
प्रेम और घृणा | नताशा
तुम भेजना प्रेम
बार-बार भेजना
भले ही मैं वापस कर दूँ
लौटेगा प्रेम ही तुम्हारे पास
पर मत भेजना कभी घृणा
घृणा बंद कर देती है दरवाज़े
अँध…
11 months, 3 weeks ago
Antardwand | Alain Bosquet | Translation - Dharamvir Bharti
Episode 925
अंतर्द्वंद | आलेन बास्केट
अनुवाद : धर्मवीर भारती
मेरा बायाँ हाथ मुझे प्राणदंड देता है
मेरा दायाँ हाथ मेरी रक्षा करता है
मेरी आँखें मुझे निर्वासन देती हैं…
11 months, 3 weeks ago
Jahaz Ka Panchhi | Krishna Mohan Jha
Episode 924
जहाज़ का पंछी | कृष्णमोहन झा
जैसे जहाज़ का पंछी
अनंत से हारकर
फिर लौट आता है जहाज़ पर
इस जीवन के विषन्न पठार पर भटकता हुआ मैं
फिर तुम्हारे पास लौट आया हूँ…
11 months, 3 weeks ago
Pyar Ke Bahut Chehre Hain | Navin Sagar
Episode 923
प्यार के बहुत चेहरे हैं / नवीन सागर
मैं उसे प्यार करता
यदि वह
ख़ुद वह होती
मैं अपना हृदय खोल देता
यदि वह
अपने भीतर खुल जाती
मैं उसे छूता
यदि वह देह होती
और मे…
11 months, 4 weeks ago
Kai Aankhon Ki Hairat They Nahi Hain | Aks Samastipuri
Episode 922
कई आँखों की हैरत थे नहीं हैं | अक्स समस्तीपुरी
कई आँखों की हैरत थे नहीं हैं
नये मंज़र की सूरत थे नहीं हैं
बिछड़ने पर तमाशा क्यों बनाएँ
तुम्हारी हम ज़रूर…
11 months, 4 weeks ago
Awara Ke Daag Chahiye | Devi Prasad Mishra
Episode 921
आवारा के दाग़ चाहिए | देवी प्रसाद मिश्र
दो वक़्तों का कम से कम तो भात चाहिए
गात चाहिए जो न काँपे
सत्ता के सम्मुख जो कह दूँ
बात चाहिए कि छिप जाने को रात च…
1 year ago
Lagaav | Ramdarash Mishra
Episode 920
लगाव | रामदरश मिश्र
उसने कविता में लिखा 'फूल'
तुमने उसे काटकर 'कीचड़' लिख दिया
उसने कविता में लिखा 'चिड़िया'
तुमने उसे काटकर 'गुरिल्ला' लिख दिया
और आपस म…
1 year ago
Main Ud Jaunga | Rajesh Joshi
Episode 919
मैं उड़ जाऊँगा | राजेश जोशी
सबको चकमा देकर एक रात
मैं किसी स्वप्न की पीठ पर बैठकर उड़ जाऊँगा
हैरत में डाल दूँगा सारी दुनिया को
सब पूछते बैठेंगे
कैसे उड़ …
1 year ago
Dekho Socho Samjho | Bhagwati Charan Verma
Episode 918
देखो-सोचो-समझो | भगवतीचरण वर्मा
देखो, सोचो, समझो, सुनो, गुनो औ' जानो
इसको, उसको, सम्भव हो निज को पहचानो
लेकिन अपना चेहरा जैसा है रहने दो,
जीवन की धारा मे…
1 year ago
Isiliye | Gagan Gill
Episode 917
इसीलिए | गगन गिल
वह नहीं होगा कभी भी
फाँसी पर झूलता हुआ आदमी
वारदात की ख़बरें पढ़ते हुए
सोचता था वह
गर्दन के पीछे हो रही सुरसुरी को वह
मुल्तवी करता रहत…
1 year ago