Podcast Episodes
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Raakh | Arun Kamal
Episode 562
राख | अरुण कमल
शायद यह रुक जाता
सही साइत पर बोला गया शब्द
सही वक्त पर कन्धे पर रखा हाथ
सही समय किसी मोड़ पर इंतज़ार
शायद रुक जाती मौत
ओफ! बार बार लगता है म…
1 year, 9 months ago
Tumko Bhula Rahi Thi Ki Tum Yaad Aa Gaye | Anjum Rehbar
Episode 561
तुम को भुला रही थी कि तुम याद आ गए | अंजुम रहबर
तुम को भुला रही थी कि तुम याद आ गए
मैं ज़हर खा रही थी कि तुम याद आ गए
कल मेरी एक प्यारी सहेली किताब में
इ…
1 year, 9 months ago
Tumhari Jaati Kya Hai? | Kumar Ambuj
Episode 560
तुम्हारी जाति क्या है? | कुमार अंबुज
तुम्हारी जाति क्या है कुमार अंबुज?
तुम किस-किस के हाथ का खाना खा सकते हो
और पी सकते हो किसके हाथ का पानी
चुनाव में द…
1 year, 9 months ago
Ankur | Ibbar Rabbi
Episode 559
अँकुर | इब्बार रब्बी
अँकुर जब सिर उठाता है
ज़मीन की छत फोड़ गिराता है
वह जब अन्धेरे में अंगड़ाता है
मिट्टी का कलेजा फट जाता है
हरी छतरियों की तन जाती है क…
1 year, 9 months ago
Bachcha | Ramdarash Mishra
Episode 558
बच्चा | रामदरश मिश्रा
हम बच्चे से खेलते हैं।
हम बच्चे की आँखों में झाँकते हैं।
वह हमारी आँखों में झाँकता है
हमारी आँखों में
उसकी आँखों की मासूम परछाइयाँ …
1 year, 9 months ago
Pita | Vinay Kumar Singh
Episode 557
पिता | विनय कुमार सिंह
ख़ामोशी से सो रहे पिता की
फैली खुरदुरी हथेली को छूकर देखा
उन हथेलियों की रेखाएं लगभग अदृश्य हो चली थीं
फिर उन हथेलियों को देखते …
1 year, 9 months ago
Mann Ke Jheel Mein | Shashiprabha Tiwari
Episode 556
मन के झील में | शशिप्रभा तिवारी
आज फिर
तुम्हारे मन के
झील की परिक्रमा कर रही हूं
धीरे-धीरे यादों की पगडंडी पर
गुज़रते हुए
वह पीपल का
पुराना पेड़ याद…
1 year, 9 months ago
Laut ti Sabhyatayein | Anjana Tandon
Episode 555
लौटती सभ्यताएँ | अंजना टंडन
विश्वास की गर्दन प्रायः
लटकती है संदेह की कीलों पर,
“कहीं कुछ तो है” का भाव दरअसल
दिमाग की दबी आवाज़ है
जो अक्सर छोड़ देती है
प…
1 year, 9 months ago
Tum Aurat Ho | Parul Chandra
Episode 554
तुम औरत हो | पारुल चंद्रा
क्योंकि किसी ने कहा है, कि बहुत बोलती हो,
तो चुप हो जाना तुम उन सबके लिए...
ख़ामोशियों से खेलना और अंधेरों में खो जाना,
समेट ल…
1 year, 9 months ago
Ishwar Tumhari Madad Chahta Hai | Vishwanath Prasad Tiwari
Episode 553
ईश्वर तुम्हारी मदद चाहता है | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
बदल सकता है धरती का रंग
बदल सकता है चट्टानों का रूप
बदल सकती है नदियों की दिशा
बदल सकती है मौसम की …
1 year, 10 months ago