Episode Details

Back to Episodes
Lehron Ka Geet | Sumitranandan Pant

Lehron Ka Geet | Sumitranandan Pant

Episode 1277 Published 3 days, 6 hours ago
Description

लहरों का गीत । सुमित्रानंदन पंत


अपने ही सुख से चिर चंचल

हम खिल खिल पडती हैं प्रतिपल,

जीवन के फेनिल मोती को

ले ले चल करतल में टलमल!


छू छू मृदु मलयानिल रह रह

करता प्राणों को पुलकाकुल;

जीवन की लतिका में लहलह

विकसा इच्छा के नव नव दल!


सुन मधुर मरुत मुरली की ध्वनी

गृह-पुलिन नांध, सुख से विह्वल,

हम हुलस नृत्य करतीं हिल हिल

खस खस पडता उर से अंचल!


चिर जन्म-मरण को हँस हँस कर

हम आलिंगन करती पल पल,

फिर फिर असीम से उठ उठ कर

फिर फिर उसमें हो हो ओझल!

Listen Now

Love PodBriefly?

If you like Podbriefly.com, please consider donating to support the ongoing development.

Support Us